बॉलीवुड में ऐसे कई खान्स हैं जिनका करियर सुपरफ्लॉप रहा है।
बॉलीवुड में खान्स की कमी नहीं है। लेकिन इनमें से कुछ ही खान्स हिट हो पाए हैं बाकि सुपरफ्लॉप ही रहे हैं। सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान को छोड़ दे तो और कोई खान इंडस्ट्री में नाम कमाने में कामयाब नहीं हो पाया। आज आपको ऐसे ही कुछ खान्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बॉलीवुड में सुपरफ्लॉप रहे हैं। इन्हीं में एक हैं जायद खान। जायद आज 37 साल (5 जुलाई, 1980) के हो गए हैं। सुपरफ्लॉप रहा है जायद का फिल्मी करियर...
बॉलीवुड स्टार संजय खान के बेटे जायद खान ने यूं तो कई फिल्मों में काम किया है, लेकिन इंडस्ट्री वे नाम नहीं कमा पाए। उन्होंने 2003 में आई फिल्म 'चुरा लिया है तुमने' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। उनकी डेब्यू मूवी ही सुपरफ्लॉप रही थी। इसके अलावा उन्होंने 'वादा' (2004), 'दस' (2005), 'शादी नं. वन' (2005), 'कैश' (2006), 'स्पीड' (2007), 'तेज' (2012) सहित अन्य फिल्मों में काम किया है। लेकिन उनकी कोई भी फिल्म हिट नहीं हो पाई।
फरदीन खान का भी फिल्मी करियर फ्लॉप रहा है। उन्होंने 1998 में आई फिल्म 'प्रेम अगन' से डेब्यू किया था। इसके बाद वे 'जंगल' (2000), 'प्यार तूने क्या किया' (2000), 'हम हो गए आपके' (2001), 'खुशी' (2002), 'देव' (2004), 'प्यारे मोहन' (2005), 'लाइफ पार्टनर' (2009) सहित कई फिल्मों में काम किया है। फरदीन की भी कोई फिल्म हिट नहीं हो पाई।
आमिर खान के भांजे इमरान खान की बतौर अभिनेता पहली फिल्म 'जाने तू या जाने न' (2008) को छोड़ दिया जाए तो बाकी फिल्में कुछ खास नहीं कर सकीं। उन्होंने 'किडनेप '(2008), 'लक' (2009), 'ब्रेक के बाद' (2010), 'एक मैं और एक तू' (2012), 'गौरी तेरे प्यार में' (2013) सहित कई फिल्मों में काम किया है।
साजिद खान फिल्म निर्माता और निर्देशक के साथ-साथ अभिनेता, स्टैंडअप कॉमेडियन, डीजे भी हैं। साजिद ने फिल्म 'झूठ बोले कौआ काटे' (1998), 'मैं हूं न' (2004), 'मुझसे शादी करोगी' (2004), 'हैप्पी न्यू ईयर' (2014) में अभिनय किया। बतौर डायरेक्टर भी साजिद ने 'डरना जरूरी है' (2006), 'हे बेबी' (2007), 'हाउसफुल' (2010), 'हाउसफुल 2' (2012), 'हिम्मतवाला' (2013), 'हमशकल्स' (2014) जैसी फिल्में दी, जिन्हें दर्शकों ने नकार दिया।
आमिर खान के छोटे भाई फैजल खान का फिल्मी करियर भी सुपरफ्लॉप रहा। उन्होंने 'प्यार का मौसम' (1969), 'मेला' (2000), 'बॉर्डर हिन्दुस्तान की' (2003), 'बस्ती' (2003), 'चांद बुझ गया' (2005) सहित अन्य फिल्मों में काम किया, लेकिन वे कोई भी हिट फिल्म नहीं दे पाए।
दिलीप कुमार के भतीजे अयूब खान ने टीवी सीरियल 'उतरन' से खूब नाम कमाया, लेकिन फिल्मी करियर उनका फ्लॉप ही रहा। उन्होंने 1992 में फिल्म 'माशूक' से करियर की शुरुआत की थी। इसके अलावा उन्होंने 'मेरी आन' (1993), 'सलामी' (1994), 'खिलौना' (1996), 'जियो शान से' (1997), 'जाने जिगर' (1998), 'मेला' (2000), 'रेवती' (2005) सहित कई फिल्मों में काम किया।
सरफराज खान बॉलीवुड अभिनेता है लेकिन इनकी पहचान अपने पिता कादर खान की वजह से ज्यादा है। लेकिन पिता की तरह ये सफलता हासिल नहीं कर पाए। उन्होंने 'क्या यही प्यार है' (2002), 'मैंने दिल तुझको दिया' (2002), 'बाजार' (2004), 'वादा' (2005), 'मिलेंगे मिलेंगे' (2012) सहित अन्य फिल्मों में काम किया।
शहजाद खान मशहूर फिल्म अभिनेता अजीत के बेटे हैं। इन्हें अपने पिता की मिमिक्री के लिए भी जाना जाता है। लेकिन इंडस्ट्री में ये नाम नहीं कमा पाए। उन्होंने 'घरवाली बहारवावली' (1998), 'हंसते हंसाते' (1998), 'मेरा साया' (2000), 'दिल बेचारा प्यार का मारा' (2004) सहित कई फिल्मों में काम किया।
साहिल खान ने बतौर अभिनेता 2001 में आई फिल्म 'स्टाइल' से डेब्यू किया। इसके बाद 'एक्सक्यूज मी' (2001), 'यही है जिंदगी' (2005), 'डबल क्रॉस' (2005), 'अलादीन' (2005), 'रामा द सेवियर' (2005) जैसी फिल्में की। लेकिन एक भी फिल्म ऐसी नहीं रही जिसकी वजह से साहिल को याद रखा जाए।
कमाल राशिद खान फिल्मों में कम विवादों में ज्यादा नजर आते हैं। 2008 में आई फिल्म 'देशद्रोही' से कमाल ने बतौर एक्टर और प्रोड्यूसर फिल्मों में कदम रखा लेकिन उसके बाद वे एक्टिंग में ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाए। उन्होंने फिल्म 'एक विलेन' (2014), 'मुन्ना पांडे बेरोजगार' (2006) में काम किया है।


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