जब माया को बचाने लोगों से भिड़ गया था ये शख्स, जानें पूरा किस्सा
यूपी की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती एक ऐसी राजनीतिक हस्ती हैं, जिनकी जिंदगी से जुड़े कई अनसुने फैक्ट्स हैं। 15 फरवरी को माया का 62वां जन्मदिन है। उनके साथ एक ऐसी घटना घटी, जिसे खुद मायावती भी नहीं भूल सकीं। 25 जून 1995 को माया को एक हादसे का शिकार होने से तत्कालीन भाजपा विधायक-पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने बचाया था। हालांकि वो अब इस दुनिया नहीं हैं।
- मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के मुताबिक, ''25 जून 1995 में मायावती लखनऊ में मीराबाई स्टेट गेस्ट हाउस में थीं। लोगों की भीड़ ने गेस्ट हाउस को घेरकर जमकर हंगामा कर रही थी।''
- ''भीड़ में सपा से जुड़े कई चेहरे थे, जिनके सामने पुलिस भी मूकदर्शक बनी हुई थी। इस पर मायावती ने खुद को कमरे में बंद कर लिया तो लोगों ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। मौके पर पहुंचकर मेरे पिता BJP नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने रिस्क लेकर उन्हें बचाया था और अकेले ही भीड़ से भिड़ गए।''
- ''उस समय मैं फौज में था, जब मैं आया तो उन्होंने मुझे पूरी घटना बताई। इस घटना के बाद वो पिता जी को बहुत सम्मान देने लगी थीं। दिन भर में उनके पास करीब 8-10 फोन आया करते थे।''

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