जब सुबह उठते ही हेरोइन तलाशते थे संजय दत्त, शराब से करते थे कुल्ला
फिल्म प्रोड्यूसर और डायरेक्टर महेश भट्ट ने संजय दत्त की लाइफ को लेकर शॉकिंग खुलासा किया है। भट्ट ने ट्विटर पर लिखा है, "संजय दत्त को अपने एडिक्शन से निपटने के लिए मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा था। एक वक्त ऐसा भी था, जब सुबह उठते ही उनके दिमाग में सिर्फ हेरोइन की बात आती थी। सोचते थे कि आज कहां से हेरोइन मिलेगी।" इतना ही नहीं, महेश भट्ट ने इस ट्वीट के साथ शेयर किए गए ऑडियो में कहा है कि संजय दत्त उस वक्त शराब से कुल्ला किया करते थे। यह उनके लिए माउथवॉश की तरह थी।
संजय दत्त ने ट्राय किया हर तरह का ड्रग्स...
- सितंबर 2017 में जयपुर में हुए एक इवेंट के दौरान संजय दत्त ने भी अपने उस दौर की बातें शेयर की थीं, जब वे ड्रग एडिक्ट थे।
- संजय दत्त ने कहा था, "एक बार ड्रग्स की लत पड़ने पर उससे निकलना दुनिया का सबसे मुश्किल काम है। मैं दिन के 23 घंटे चूहे की तरह बाथरूम में ही पड़ा रहता था, अब लगता है जिंदगी और करियर का सबसे खूबसूरत वक्त मैंने ड्रग्स पर बर्बाद कर दिया।"
- "ऐसा कोई ड्रग नहीं जो मैंने ट्राय न किया हो। अमेरिका के रीहैब सेंटर में जब डॉक्टर ने ड्रग्स लिस्ट दी तो मैंने सब पर टिक किया था, लेकिन ट्रीटमेंट के बाद लगा जब मेरे पास मेरा परिवार है तो ड्रग्स पर हाई होने की क्या जरूरत है।"
संजय ने 1981 में पहली फिल्म 'रॉकी' की शूटिंग पूरी कर ली और उन्हें इसकी रिलीज का इंतजार था। इसी दौरान उनकी मां नरगिस की तबीयत खराब हो गई और जिस दिन 'रॉकी' रिलीज होनी थी, ठीक उससे तीन दिन पहले वे दुनिया को अलविदा कह गई।
- संजय की फिल्म तो हिट हो गई, लेकिन वे अंदर से बुरी तरह टूट गए। कहते हैं कि बाद में गलत संगत और कामयाबी के नशे में उन्हें ड्रग्स की आदत लग गई।
- जब सुनील दत्त को संजय की ड्रग्स की लत के बारे में पता चला तो वे परेशान हो गए। संजय की ड्रग्स की लत के चलते उन्हें कई मौकों पर शर्मिंदगी भी उठानी पड़ी। कई डायरेक्टरों ने संजय के साथ काम करने से अपने हाथ पीछे खींच लिए और तब संजय का करियर संकट में आने लगा।
- इसके बाद सुनील दत्त उन्हें इलाज के लिए अमेरिका में एक नशा उन्मूलन केंद्र ले गए, जहां लंबे इलाज के बाद संजय दत्त ने ड्रग्स को अलविदा कहा और दोबारा बॉलीवुड में वापसी की।
दिसंबर 2016 में एक इंटरव्यू के दौरान संजय दत्त ने कहा था, "मुझे याद है कि एकबार मैंने 1 किलो हेरोइन जूतों में रखकर ट्रेवल किया था। उस समय मेरी दोनों बहनें प्रिया और नम्रता भी मेरे साथ फ्लाइट में थीं।"
- "तब एयरपोर्ट पर इतनी सख्त चैकिंग नहीं होती थी। लेकिन आज जब में उस बारे में सोचता हूं तो डर जाता हूं। अगर मैं पकड़ा जाता तो ठीक था, लेकिन अगर मेरी बहनें पकड़ी जातीं तो क्या होता? ड्रग ऐसा ही होता है। मुझे उस टाइम न तो मेरी फैमिली की चिंता होती थी और न ही किसी और चीज की।"

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