दुनिया का पहला सबसे लंबा सी-ब्रिज, 6.7 km तक समुद्र के अंदर से गुजरेगा
चीन साउथ चाइना सी में दुनिया का सबसे लंबा सी-ब्रिज बना रहा है। 55 किमी लंबे इस ब्रिज का नाम हांगकांग-मकाओ-झुहाई सी-ब्रिज है। इससे पर्ल रिवर डेल्टा पर स्थित इन तीन बड़े शहरों की दूरी चार घंटे से घटकर 30 मिनट रह जाएगी। सात साल से बन रहे इस पुल पर 2018 में ट्रैफिक शुरू होना है। इसे बनाने में करीब 1 लाख करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
- चीन का मानना है कि इससे हांगकांग की सुस्त पड़ी इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा। साथ ही इलाके के दो सबसे बड़े आर्थिक शहर गुआंगझू और शेनझेन को एक और कनेक्टिविटी मिल जाएगी।
- हालांकि, ये दोनों शहर हांगकांग से सड़क, रेल, जल और हवाई मार्ग से पहले से ही जुड़े हुए हैं। पर्ल रिवर डेल्टा दुनिया के सबसे शक्तिशाली आर्थिक क्षेत्रों में से एक है।
- जहां हांगकांग दुनिया का छठा सबसे व्यस्त बंदरगाह है, वहीं कैसीनो के शहर मकाऊ में हर साल 3 करोड़ सैलानी आते हैं। हालांकि कुछ चीनी विशेषज्ञ इस सी-ब्रिज प्रोजेक्ट को सफेद हाथी भी कह रहे हैं।
- इस ब्रिज को बनाने में 4.2 लाख टन स्टील का इस्तेमाल हुआ। इतनी स्टील से 60 एफिल टॉवर खड़े किए जा सकते हैं।
इस ब्रिज का निर्माण 7 साल से चल रहा है। इस दौरान 10 वर्कर्स की काम के दौरान मौत हुई। 600 जख्मी हुए। मरने वालों में 3 ऑस्ट्रेलियाई इंजीनियर भी हैं।
ब्रिज के निर्माण के लिए समुद्र में पहला ट्यूब बिछाने में 96 घंटे लगे। इंजीनियर्स-वर्कर्स ने चार-चार दिन जागकर काम किया। 10 हजार वर्कर्स ने काम किया।
ब्रिज 8 तीव्रता के भूकंप में भी टिका रहेगा। 300 किलोमीटर /घंटे का तूफान भी झेल लेगा। 3 लाख टन वजनी जहाज भी टकरा जाए, तब भी ब्रिज खड़ा रहेगा।
- 6 लेन वाले ब्रिज की चौड़ाई 106 फीट है। यह ब्रिज Y शेप में बनाया गया है।
- 30 हजार वाहनों की रोजाना आवाजाही। स्पीड 100 किलोमीटर तक होगी।
- 120 साल इस ब्रिज की उम्र होगी। इसके ऊपर से टैंक भी गुजर सकेंगे।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए ब्रिज पर 550 चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इसे बनाने में 90 करोड़ रुपए का खर्च आया।
- ब्रिज में दूषित पानी को साफ करने वाला प्लांट भी लगा है। पड़ोसी शहरों के लिए रोजाना 2.7 लाख टन पानी साफ करेगा।

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