डाक के जरिए चिट्ठियां नहीं बच्चे भेजे जाते थे, ऐसे थे हिस्ट्री में 5 खतरनाक काम
कभी सोचा है कि बच्चों को एक जगह से दूसरी जगह डाक के जरिए भेजा जाए। डॉक्टर मरीज की जीभ काटकर इलाज करे। बच्चों को पिंजरे में रखा जाए। सुनने में यह सारी बातें अजीब लग सकती हैं लेकिन हकीकत ये है कि इतिहास के यह सभी चीजें कानूनी थीं।
बच्चों के पिंजरे: 1930 में ब्रिटिश फैमिली बच्चों को रखने के लिए पिंजरे का इस्तेमाल करती थी। तारों से बनें पिंजरे बच्चों के लिए सुरक्षित माने जाते थे। जब महिलाएं अपने रोज के कामों में व्यस्त रहती थीं तो वो बच्चों को पिंजरे में बंद कर देती थी। जिससे वो सुरक्षित तो रहते ही थे साथ ही वो बाहर के माहौल से भी जुड़े रहते थे। बच्चों को पिंजरे में रखने का आइडिया लूथर एमेट की किताब द केयर एंड फीडिंग ऑफ चिल्ड्रेन से लिया गया था।
कोकीन का दवा में इस्तेमाल
दवा की दुकानों पर कोकीन मिलती थी: आज कोकीन पर बैन है लेकिन 100 साल पहले कोकीन दवा की दुकानों पर खुलेआम बिका करती थी। लोग डॉक्टर के सजेशन के बिना भी इसे आराम से खरीद सकते थे। कोकीन का इस्तेमाल दवा के रूप में इलाज के लिए किया जाता था।
बच्चे को डाक से भेजना
बच्चों को डाक के जरिए भेजना: 20वीं सदी की शुरुआत में अमेरिकन अपने बच्चों को डाक के जरिए एक जगह से दूसरी जगह भेजते थे। इसे गैर कानूनी भी नहीं माना जाता था। बच्चों को पास एक स्टैंप होती थी। जो उनके कपड़ों से जुड़ी होती थी। स्टैंप में बच्चे से जुड़ी सारी जानकारी होती थी। जिससे वो सुरक्षित अपनी जगह पहुंच जाते थे।
इंसानों का चिड़ियाघर
इंसानों का चिड़ियाघर: कल्पना करिए कि आज कहीं पर इंसानों को चिड़ियाघर हो तो उसका कितना विरोध होगा, लेकिन एक वक्त था जब एशियन और अफ्रीकन प्रजाति के लोगों को दिखाने के लिए चिड़ियाघर खोले गए थे। इंसानी चिड़ियाघर देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते थे। जहां पर दुनिया की अलग-अलग प्रजातियां लोक नृत्य के अलावा दूसरों तरीकों से उनका मनोरंजन करती थीं। ऐसे चिड़ियाघर पेरिस, लंदन और बर्लिन में आसानी से मिल जाते थे।
प्रेग्नेंसी में स्मोकिंग
प्रेग्नेंसी के दौरान स्मोकिंग: अगर कोई महिला प्रेग्नेंट हो तो उसके आस-पास भी स्मोकिंग करने से मना किया जाता है, लेकिन 70 साल पहले अमेरिकन डॉक्टर्स मरीजों को कब्ज के इलाज के लिए स्मोकिंग की सलाह देते थे। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी स्मोकिंग की सलाह दी जाती थी, ताकि प्रेग्नेंसी के दौरान नसों में जो होने वाले तनाव से आराम मिल सके।

Post a Comment