44 करोड़ के बंगले में रहती थी ये ex-CM, 1 साल बाद फिर है चर्चा में
.तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता की मौत 5 नहीं 4 दिसंबर 2016 को हुई थी। अम्मा के नाम से मशहूर रही तात्कालीन सीएम दुनिया में नहीं रही, इसकी आधिकारिक घोषणा मौत के एक दिन बाद की गई। यह कहना है उनकी करीबी रही वीके शशिकला के भाई दिवाकरण का। जयललिता देश की सबसे पॉपुलर और पब्लिक की चहेती पॉलिटीशियन्स में शुमार थीं।
- पॉलिटिक्स में आने से पहले जयललिता साउथ इंडियन फिल्मों की एक्ट्रेस थीं। 1966 में लगातार 11 हिट तमिल फिल्में करने के बाद उन्होंने चेन्नई के पोएस गार्डेन में बंगला खरीदा और उसका नाम वेद निलायम रखा।
- उन्हें रॉयल अंदाज में रहने का शौक था। इसी वजह से उन्होंने उस 1.32 लाख में खरीदे बंगले के रेनोवेशन पर उस जमाने में 77 लाख रुपए खर्च किए थे।
- प्रेजेंट में जयललिता के बंगले की कीमत 44 करोड़ रुपए है।
- जयललिता की बायोग्राफी के मुताबिक 1965 की इंडो-पाक वॉर के दौरान जयललिता ने अपनी गोल्ड ज्वैलरी तात्कालीन पीएम लाल बहादुर शास्त्री को दान में दी थी।
- 2016 में तमिलनाडु सीएम का पदभार संभालते वक्त जयललिता के पास तीन करोड़ की सिर्फ चांदी थी। कर्नाटक ट्रेजरी में 21 किलो गोल्ड ज्वैलरी और आइटम्स जमा है। इतने गोल्ड की प्रेजेंट में कीमत 6.6 करोड़ रुपए है।
- वीके शशिकला जयललिता की करीबी नेता थीं। तमिलनाडु में उन्हें लोग चिनम्मा कहकर बुलाते हैं।
- शशिकला के बेटे सुधाकरण को जयललिता ने अपने वारिस के तौर पर 1995 में गोद लिया था, लेकिन महज एक साल बाद उन्होंने उसे बेदखल कर दिया।
- इन्होंने जयललिता के सहारे AIADMK पार्टी में पकड़ बना ली थी। इसी वजह से फरवरी 2017 में इन्हें तमिलनाडु का सीएम चुना गया, लेकिन इसके महज कुछ दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें 66 करोड़ के बेनामी संपत्ति मामले में दोषी करार देते हुए 4 साल जेल की सजा सुनाई।
- दिवाकरण शशिकला के भाई हैं। इनका कहना है कि जयललिता की मौत का ऑफिशियल अनाउंसमेंट एक दिन बाद किया गया, इस बात का खुलासा अब करने के पीछे मकसद सिर्फ अपनी बहन को बेगुनाह साबित करना है।

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