2017 में बैडमिंटन में नंबर 1 रहा भारत, चीन को पीछे छोड़ ऐसे बना सुपरपावर
साल 2017 भारतीय बैडमिंटन के लिए सुनहरा रहा है। भारत नंबर-1 पर है। भारतीय खिलाड़ियों ने इस साल 7 सिंगल्स के खिताब जीते। बैडमिंटन में दबदबा रखने वाले चीन को सिर्फ 2 खिताब हासिल हुए। भारत का सुपर सीरीज के इतिहास में यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 2007 में सुपर सीरीज शुरू हुई थी। पहले दो साल भारत खिताब नहीं जीत पाया था। वैसे, भारत ने इस साल वर्ल्ड चैंपियनशिप के महिला सिंगल्स (पीवी सिंधु) में सिल्वर मेडल जीता था।
- मार्च में इंडियन ओपन सुपर सीरीज में पीवी सिंधु ने जीत से इस सिलसिले की शुरुआत की। यहां उन्होंने रियो ओलिंपिक में उन्हें हराने वाली स्पेन की कैरोलिना मारिन को हरा दिया।
- इसके बाद श्रीकांत ने अपने करियर की बेस्ट परफॉर्मेंस दी। उन्होंने एक के बाद एक इंडोनेशिया ओपन, ऑस्ट्रेलिया ओेपन, डेनमार्क ओपन और फ्रांस ओपन के खिताब अपने नाम किए।
- इन दोनों ही नहीं, साल 2017 को एचएस प्रणय और साइना नेहवाल के अचीवमेंट के लिए भी याद किया जाएगा। चोट के बाद वापसी करते हुए साइना ने ग्लासगो वर्ल्ड चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
-नवंबर में आई बैडमिंटन रैंकिंग में किदांबी श्रीकांत दुनिया के नंबर 2 खिलाड़ी बने थे। 37 साल बाद ऐसा हुआ था कि कोई इंडियन पुरुष शटलर टॉप 2 में पहुंचा हो। इससे पहले 1980 में प्रकाश पादुकोण वर्ल्ड नंबर-1 बने थे।
- श्रीकांत 2015 में टॉप-5 में आने वाले तीसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी भी बने थे। तब उन्होंने चौथी रैंकिंग हासिल की थी। पादुकोण के बाद और श्रीकांत से पहले पुलेला गोपीचंद 2001 में वर्ल्ड नंबर-5 बने थे। श्रीकांत खुद गोपीचंद के शिष्य हैं।
- श्रीकांत ने 2014 में चाइना ओपन से ही सुर्खियां बटोरी थीं। तब उन्होंने चीन के दिग्गज खिलाड़ी लिन डैन को हराकर करियर का पहला सुपर सीरीज खिताब जीता था। लिन डैन उस समय नंबर एक खिलाड़ी थे।
चाइना के स्टार बैडमिंटन प्लेयर टिआन हॉवई के अनुसार, 'इंडियन बैडमिंटन प्लेयर्स में बदलाव का बड़ा कारण फिटनेस है। खिलाड़ी अब नई तकनीक के साथ भी आ रहे हैं और एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। हर मैच से पहले खिलाड़ी फिटनेस और अपनी पिछली गलतियों पर जबरदस्त ध्यान दे रहे हैं।'
- इस साल बैडमिंटन वर्ल्ड में चीन के घटते प्रभाव पर उन्होंने कहा, 'ये सिर्फ एक दौर है। ये काफी नॉर्मल है, जैसे इंडिया में क्रिकेट है, जो वहां का सबसे पॉपुलर स्पोर्ट है। प्लेयर्स जो ज्यादा प्रैक्टिस करेंगे, ज्यादा मैच जीतेंगे, इसीलिए इंडिया क्रिकेट में बहुत बढ़िया है। बिल्कुल ऐसा ही अब बैडमिंटन में हो रहा है। दूसरे देशों के खिलाड़ी भी ज्यादा प्रैक्टिस कर रहे हैं और बेहतर खेल के साथ सामने आ रहे हैं।'

Post a Comment