किसी ने कहा मुहंफट, कोई कहता था घर तोड़ने वाली औरत पर वो इंडस्ट्री के लिए रहीं शानदार
खूबसूरत मुस्कान और चेहरे पर शांति का भाव ....कुछ ऐसी थी सांवली सी लड़की के रूप में स्मिता पाटिल। अपने दमदार एक्टिंग के बल पर महज 31 साल की उम्र में स्मिता पाटिल को नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
स्मिता पाटिल ने 80 के दशक में कई हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया। उन्होंने दोनों तरह की फिल्में की जिसमें कर्मशियल और पैरलल शामिल हैं। स्मिता पाटिल का जन्म पुणे के एक कुनबी मराठा परिवार में हुआ था। पिता शिवाजी राव गिरधर पाटिल नेता थे। मां विद्यावती पाटिल समाज सेविका थीं।
पर्दे के साथ उनका पहला करार हुआ 1970 में, जब वह दूरदर्शन से बतौर प्रस्तुतकर्ता जुड़ीं स्मिता पाटिल ने छोटे से करियर में श्याम बेनेगल, गोविंद निहलाणी, सत्यजीत रे और मृणाल सेन जैसे डायरेक्टर्स के साथ काम किया। उन्हें एक्टिंग में लाने का श्रेय श्याम बेनेगल को जाता है। बताया जाता है कि स्मिता अपनी दूरदर्शन की नौकरी में ही खुश थी। लेकिन श्याम बेनेगल ने उन्हें देखा तो लगा कि स्मिता को एक्टिंग लाइन में जाना चाहिए था।
जिसके बाद उन्होंने एक्टिंग के क्षेत्र में जाने के लिए उनकसाना शुरु कर दिया। पाटिल ने पुणे के फेमस फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टिट्यूट से ग्रेजुएशन किया। उसके बाद उन्होंने डायरेक्टर श्याम बेनेगल के कहने पर उनकी फिल्म 'चरणदास चोर' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। स्मिता पाटिल हमेशा फिल्मों में अपने करिदार को लेकरसजग रहती थी। उन्होंने बाकी फिल्मों की तरह मुहं दिखाने के लिए एक्टिंग नहीं की। उन्होंने हमेशा एक्टिंग और फिल्म की कहानी पर बात की। अगर उन्हें कुछ पंसद नहीं आता तो वो उसे साफ तौर पर मानने से इंकार कर देती। जिसके लिए मुंहफट भी कहा जाता था।
उन्हें हिंदी फिल्म भूमिका में एक्टिंग के लिए पहला नेशनल अवॉर्ड मिला था। उनकी पर्सनल लाइफ की बात करें तो राजबब्बर के अफेयर को लेकर काफी चर्चा में रही। साल 1982 में राज ने स्मिता पाटिल के साथ एक फिल्म की 'भीगी पलकें'। इस फिल्म की शूटिंग के समय ही स्मिता राज के शांत स्वभाव एवं एक्टिंग प्रतिभा से प्रभावित हुई और दोनों एक दूजे के प्रेम-बंधन में बंधते चले गए। कई फिल्मों में साथ काम करने के बाद दोनों की नजदीकियां शादी में बदल गई।
साल 1985 में जब स्मिता और राज के प्यार के किस्से राज की पत्नी नादिरा के कानों तक पहुंचें तो उन्होंने राज से साफ कह दिया कि मुझे या स्मिता दोनों में से किसी एक को चुनना होगा। स्मिता को घर तोड़ने वाली दूसरी महिला का भी नाम दे दिया गया। राज बब्बर ने अपनी पहली पत्नी नादिरा बब्बर को छोड़कर स्मिता से शादी कर ली। स्मिता से शादी करने के बाद कुछ वक्त दोनों साथ रहे। लेकिन धीरे धीरे स्मिता बीमारी की की चपेट में आती चली गई।
कहते है कि स्मिता को किसी की बददुआएं लगी या समय की नजाकत स्मिता बेटे प्रतीक बब्बर को जन्म के दो हफ्ते बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। डिलीवरी के दौरान हुए मेडिकल इशूज इस वक्त में काफी बढ़ गए। उस वक्त उनकी उम्र महज 31 साल थी। डायरेक्टर मृणाल सेन ने बताया कि उनकी की मौत बीमारी के चलते नहीं बल्कि अस्पताल की लापरवाही के चलते हुई।


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