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4 बेटे जिस मां की कर रहे थे तलाश, पैंथर की गुफा के बाहर पड़ा था उसका पैर


 जिस मां को 4 बेटे और एक बेटी 4 दिन से तलाश कर रहे थे, उसका शिकार जगजीवनपुर के जंगल में पैंथर या जरख ने कर लिया। मंगलवार को जंगल में मां के शव के कुछ हिस्से और जगह जगह हडि्डयां मिलीं। मंगलवार को जगजीवनपुर के पहाड़ी क्षेत्र में एक शव के कुछ टुकड़े मिले तो इसकी पहचान टुंडपुरा की रहने वाली 65 साल की रामप्यारी के रूप में हुई। गांव वालों का कहना था कि रामप्यारी का पैंथर ने शिकार कर लिया है। हादसा महिला के घर टुंडपुरा से 8 किलोमीटर दूर का है। हालांकि, वन विभाग जरख का शिकार होने से भी इनकार कर रहा है।


- मंगलवार को सुबह 9 बजे गांव में सूचना मिली कि गांव जगजीवनपुर के पहाड़ी क्षेत्र में किसी महिला के शव के कुछ टुकड़े मिले हैं। ऐसे में टुंडपुरा से भी लोग पहुंच तो उनको शक हुआ कि यह टुकड़े कुछ कपड़े रामप्यारी के हो सकते हैं।

- मौके पर जलसिंह को बुलाया तो उसने कपड़े और कुछ टुकड़ों को 65 वर्षीय मां, रामप्यारी के होने की पुष्टि की। तत्काल घटना की जानकारी पुलिस और वन विभाग की टीमों को दी गई।

- टीमों को जंगल में जगह-जगह खून के धब्बे दांत पड़े हुए मिले। कई जगहों पर घसीटने के निशान तथा एक जंगली जानवर के पग मार्क भी दिखाई दिए है।


 थाना प्रभारी विजयसिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की सहायता से पहाड़ी पर काफी देर तक तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।

- वन विभाग की टीम की मदद से जंगल नजदीकी पहाड़ी में देर शाम तक उसकी तलाश की गई।

- जंगली जानवर वृद्ध महिला से संबंधित अवशेषों की 4 घंटे तलाश करने के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली है। अंत में डॉग स्क्वायड की मदद ली गई।

- डॉग अंत में एक गुफा में जाकर रुक गया। जहां एक पैर का हिस्सा मिला, जिसमें पायल पहनी हुई है।

- गुफा संकरी होने की वजह से उसमें अंदर नहीं जा पाए। इस कारण जानकारी नहीं हो सकी।



 रेंजर महेश शर्मा ने बताया कि घटना के आसपास जरख के पग मार्क मिले हैं। जरख ने महिला का शिकार किया है, यह कहना काफी मुश्किल है।

- बुधवार को जंगल में जरख को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाया जाएगा। ग्रामीणों को जंगल में अकेले नहीं जाने के कहा है।