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जाम में फंसी कार, मां ने कहा- बेटी को है लेबर पेन, TI ने थाम लिया स्टेयरिंग




 शहर में टीआई सुदेश तिवारी की सूझबूझ से एक मां और उसके होने वाले बच्चे की जान बच गई। दरअसल, शहर के रिटायर्ड बैंक मैनेजर मोहम्मद इकबाल अपनी पत्नी शाहाना के साथ बेटी को लेकर हॉस्पिटल जा रहे थे। इसी दौरान उस रास्ते से प्रेसीडेंट रामनाथ कोविंद का काफिला गुजरना था। जिस वजह से उनकी कार ट्रैफिक जाम में फंस गई। वहीं बेटी का लेवर पेन बढ़ता जा रहा था। बेटी की मां ने ड्यूटी पर मौजूद टीआई सुदेश तिवारी से हेल्प मांगी। इसके तुरंत बाद टीआई ने खुद कार चलाकर उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया।


- मोहम्मद इकबाल ने बातचीत के दौरान बताया कि शनिवार सुबह करीब 8.30 बजे वे अपनी कार से पत्नी शाहाना और 32 साल की बेटी बसीरत फातिमा को लेकर हॉस्पिटल के लिए निकले थे। बेटी को लेबर पेन हो रहा था उसकी डिलवरी होनी थी।


- राजभवन जाने वाला रास्ता बंद होने के की वजह से मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोशनपुरा के रास्ते से जाने को कहा। इसके बाद वे रोशनपुरा से बाणगंगा चौराहे पर पहुंचने पर ट्रैफिक जाम में फंस गए। वहीं बेटी का दर्द बढ़ता जा रहा था। इसके बाद पत्नी पुलिसकर्मियों के पास मदद के लिए पहुंची।



- मामले की गंभीरता को देखते हुए टीआई सुदेश तिवारी कार के पास आए और पिता को साइड वाली सीट पर करते हुए खुद ने स्टीयरिंग वाली सीट पर बैठ गए। वहीं दो सिपाहियों ने पीछे से गाड़ियों को एक तरफ करना शुरू किया।


- करीब 15 मिनट की मेहनत और मशक्कत के बाद वे कार को जाम से निकालने में सफल हुए। जिसके बाद सीधे कोहेफिजा हॉस्पिटल पहुंचे जहां आधे घंटे बाद ही महिला की डिलेवरी की गई। उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया।

 बसीरत ने लॉ में पीएचडी की है। बेटा लखनऊ से आए दामाद मोहम्मद मोहिनउद्दीन को भोपाल स्टेशन से लेकर हॉस्पिटल पहुंचा।


- जब उसे पता चला तो उसने डीजीपी को ट्वीट कर टीआई का शुक्रिया अदा किया।


- टीआई सुदेश तिवारी ने कहा कि एक फैमिली परेशानी में थी। ऐसे में यह मेरी ड्यूटी थी कि मैंने सही- सलामत बाहर निकालता। जो भी किया वह मेरी कर्तव्य था।