सीन शूट के लिए एक्ट्रेस ने कर दिया था इनकार, एक्टर ने बताई ये बातें
यूपी के आजमगढ़ में शूट हुई भोजपुरी फिल्म 'द पावर ऑफ दहशत' एक दिसंबर को रिलीज होगी। फिल्म के हीरो सत्येंद्र सिंह और प्रियंका पंडित हैं। ''ठंड का समय था, हमें रात में बारिश में भीगते हुए सीन शूट करना था। प्रियंका ने शूट करने से मना कर दिया। उसने कहा, 'ऐसे शूट में मैं ऐंठ जाउंगी, शूटिंग कैसे करूंगी। इसपर सभी लोग परेशान हो गए। फिर मैंने उसकी हिम्मत बांधी और आग की व्यवस्था की, जिसके बाद सीन शूट हुआ।''
- बता दें, सत्येंद्र बनारस के रहने वाले हैं। उन्होंने हरिश्चंद्र महाविद्यालय से ग्रैजुएशन और लॉ किया है।
- सत्येंद्र ने बताया कि फिल्म की स्टोरी दो दशक पहले आजमगढ़ में सफेदपोशों के आतंक पर आधारित रीयल स्टोरी है, जिसको फिल्माने के लिए हम लोगों ने आजमगढ़ को चुना।
- इस फिल्म में मैं एसएसपी सतेंद्र सिंह बना हूं, रोल के लिए मैंने एक पुलिस अधिकारी के साथ तीन महीने रहकर पुलिस अधिकारियों के तौर-तरीके सीखे।
- शूटिंग देखने आजमगढ़ के पुलिस अधिकारी भी आया करते थे। एक बार एसएसपी शूटिंग देखने आए और मुझे वर्दी में देख कहा, 'अरे यार, असली एसएसपी तो तुम लग रहे हो।'
- सत्येंद्र के पिता पुलिस डिपार्टमेंट से रिटायर हैं। फिल्म का प्रोमो देखने के बाद उन्होंने कहा- मेरा बेटा रीयल लाइफ में तो एसएसपी नहीं बन पाया, लेकिन रील लाइफ में एसएसपी बनकर मेरी इच्छा पूरी कर दी, यही मेरे लिए बहुत है।
- सत्येंद्र ने बताया, एक सीन में मुझे विलेन को गोली मारना था, जिसके बाद खून बहते विलेन को जमीन गिरकर तड़पना था।
- इसके लिए विलेन के शर्ट के अंदर लाल रंग भरे गुब्बारे सेट किए गए थे, जिसको फोड़ने के लिए बैटरी से कनेक्ट वायर भी थे, लेकिन गलती से इलेक्ट्रिशियन ने वायर को बैटरी के बजाए मेन लाइन से जोड़ दिया।
- टेक पर लोगों ने समझा कि विलेन कितना अच्छी एक्टिंग कर रहा है, लेकिन बाद में समझ आया कि वह एक्टिंग नहीं, ओरिजनल करेंट से झटके खा रहा है।
- एक सीन में मुझे बसों के ऊपर से छलांग लगाते हुए दौड़ाकर विलेन को पकड़ना था और लास्ट में बस के ऊपर से कूदकर विलेन को दबोचना था। इसके लिए डुप्लीकेट का इंतजाम था, लेकिन वह समय पर नहीं आया तो मैंने ही रियल स्टंट किया।
- सत्येंद्र ने बताया, 2012 में अपने वॉर्ड से पार्षद का चुनाव भी लड़ा, जिसमे तीसरे नंबर पर रहे।
- छोटा भाई प्रेम हीरो बनना चाहता था, लेकिन एक एक्सीडेंट में उसकी मौत हो गई। उसके सपने को पूरा करने के लिए मैं एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा।
- पहली भोजपुरी फिल्म 'तेरी मेरी आशकी' मिली, जिसमे इंसपेक्टर का रोल मिला। इस फिल्म के लिए मुझे 50 हजार रुपए मिले।
- दूसरी भोजपुरी फिल्म 'मुख्तार' है, ये फिल्म जुलाई में रिलीज होगी।

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