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प्रद्युम्न के हत्यारे तक ऐसे पहुंची CBI, मौत से 2 महीने पहले भी हुआ था ये


रेयान इंटरनेशनल स्कूल के स्टूडेंट प्रद्युम्न ठाकुर मर्डर केस सीबीआई ने स्कूल के 11वीं के स्टूडेंट को हिरासत में लिया गया है। सीबीआई ने इस केस की 46 दिनों में पड़ताल पूरी की। स्कूल में 11वीं की परीक्षाएं थीं। आरोपी का दूसरा पेपर 8 सितंबर को था। इससे वह डरा हुआ था। उसने दोस्तों से कहा था कि किसी न किसी तरह परीक्षा टलवा देगा।

- सीबीआई ने 22 सितंबर को जांच शुरू की। सबसे पहले 25 मिनट के सीसीटीवी फुटेज में उन 7 छात्रों को मार्क्ड किया जो पूर्व आरोपी बस कंडक्टर अशोक से पहले टॉयलेट गए थे।
- सातों छात्रों की दिमागी हालत, एकेडमिक हिस्ट्री व अन्य पहलुओं की पड़ताल की। आरोपी स्टूडेंट की एकेडमिक हिस्ट्री खराब निकली।
- उधर स्कूल माली ने बताया कि आरोपी नाबालिग ने ही सबसे पहले प्रद्युम्न की हत्या के बारे में सूचना दी थी। उसके बाद स्कूल स्टाफ टॉयलेट में पहुंचा था।
- सातों स्टूडेंट्स के क्लासमेट और टीचर्स से एक्सपर्ट के जरिए और बातचीत की गई। इसमें कुछ स्टूडेंट्स ने बताया कि आरोपी ने कहा था कि वह परीक्षा की तारीख बदलवा देगा। यह भी पता चला कि आरोपी पहले भी चाकू लेकर स्कूल आया था।
-अब सीबीआई ने सातों छात्रों की कॉल डिटेल खंगालकर उन्हें सर्विलांस पर लिया।
- सभी इनपुट के आधार पर मंगलवार रात आरोपी छात्र को हिरासत में लेकर माता-पिता के सामने पूछताछ की गई। उसमें उसने वारदात में हाथ होने की बात कबूल ली।

- आरोपी ने बताया कि वह चाकू लेकर स्कूल पहुंचा था। पर उसे नहीं पता था कि क्या करेगा। इसी बीच प्रद्युम्न टॉयलेट की तरफ आता दिखा।
- बात करने के बहाने उसे टॉयलेट ले गया। वहां गला काटकर चाकू कमोड में फेंक दिया और फ्लश कर दिया। फिर माली को बताकर अपनी क्लास में जा बैठा।

डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की ओर की स्टूडेंट्स की काउंसिलिंग के लिए गई 11 सदस्यीय टीम की काउंसलर हेड साइक्राइटिस्ट डॉ. श्वेता ने बताया कि बताया कि काउंसिलंग के दौरान प्रद्युम्न के क्लास के बच्चों ने उन्हें बताया था कि प्रद्युम्न को ही किसी ने दो महीने पहले इसी वॉशरूम में बंद कर दिया था। जब टीचर्स को इसका पता चला तो सेकंड क्लास के सभी बच्चों की डांट लगाई गई थी।

- प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने कहा कि शुरू से गुड़गांव पुलिस की जांच पर सवाल उठा रहे थे। उनके बेटे को साजिश के तहत मारा गया है। सीबीआई ने जांच में एक आरोपी को पकड़ा गया है। - उन्हें सीबीआई जांच पर विश्वास और जल्द न्याय मिलेगा। इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है। पहले से अशोक के हत्या करने पर सवाल उठा रहे थे।
- आखिर पुलिस अफसरों की नजर आरोपी छात्र पर क्यों नहीं पड़ी, क्या पुलिस किसी दबाव में थी, जो जल्दबाजी में कमजोर को निशाना बनाकर मामले में

- आरोपी छात्र के पिता ने कहा कि सीबीआई ने पूछताछ के लिए करीब 4 बार दिल्ली बुलाया था। मंगलवार को बच्चे को लेकर गया था। देर रात करीब 12 बजे सीबीआई अफसरों ने कहा उनके बेटे ने ही प्रद्युम्न की हत्या की है।
- हमने जांच टीमों का समर्थन किया, लेकिन मेरे बेटे को बेवजह सीबीआई फंसा रही है। हत्या के रोज जब घर आया तो उसके कमीज या पैंट पर खून के धब्बे नहीं थे।

- कंडक्टर अशोक के वकील मोहित वर्मा ने बताया कि सीबीआई की जांच में प्रद्युम्न की हत्या के पीछे 11वीं के छात्र का होना सामने आया है। ऐसे में भोंडसी जेल में बंद अशोक की बेल पिटिशन कोर्ट में दायर करेंगे। इसके बाद गुड़गांव पुलिस पर भी मानहानि का केस दर्ज किया जाएगा।

- मामले में बिहार सीएम नीतीश कुमार ने हरियाणा सीएम से बात की थी। इधर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी, पप्पू यादव समेत कई बड़े नेता मारुति कुंज पीड़ित वरुण ठाकुर से मिले थे।
- मनोहर लाल ने जांच सीबीआई से कराने को कहा था। ऐसे में सीबीआई पर भी राजनीतिक दबाव था।
- सीबीआई अशोक के साथ दूसरी थ्योरी पर भी जांच कर ही थी। दो महीने बाद सीबीआई ने एक दूसरे आरोपी को अरेस्ट कर सनसनी फैला दी है।