भगवान राम की वंशज इस राजकुमारी ने की थी लव मैरिज, अब इस कारण है चर्चा में
अपकमिंग मूवी पद्मावती का राजस्थान सहित कई राज्यों में विरोध हो रहा है जिसे देखते हुए अभी तक इस मूवी के राजस्थान में राइट्स नहीं खरीदे गए हैं। हाल ही में जयपुर राजघराने की पूर्व प्रिंसेस और विधायक दीया कुमारी ने हाल ही में पद्मावती मूवी के खिलाफ अपना विरोध दिखाते हुए एक ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि मैं राजस्थान के गौरवशाली इतिहास और बर्बर हमलावरों से लड़ाई में यहां के लोगों के बलिदान से फिल्म के जरिए छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करूंगी। बता दें कि एक अंग्रेजी चैनल को दिए इंटरव्यू में जयपुर की महारानी पद्मिनी देवी ने बताया था कि वे राम के बेटे कुश के वंशज हैं। दीया इन्ही पद्मिनी देवी की इकलौती बेटी हैं।
दीया कुमारी की शादी अगस्त 1997 में हुई थी, जिसके साथ ही एक विवाद भी शुरू हुआ था।
- बात ये थी कि उन्होंने नरेंद्र सिंह से लव मैरिज की थी और वे दोनों एक ही गोत्र के थे।
- इस बात को लेकर राजपूत समाज की सबसे बड़ी पंचायत राजपूत सभा में काफी नाराजगी थी और फिर इसको लेकर विरोध भी किया।
- इस विरोध के कारण उनके पिता भवानी सिंह को न केवल स्थाई अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था, बल्कि राजपरिवार से रिश्ता भी खत्म कर लिया था।
- महाराजा भवानी सिंह का कोई बेटा नहीं था। उन्होंने 2002 में अपनी बेटी दीया कुमारी के बेटों को गोद लिया था। भवानी सिंह के निधन के बाद 2011 में उनके वारिस के तौर पर पद्मनाभ सिंह का राजतिलक हुआ था।
- देश में रजवाड़ों को पूरी तरह से ख़त्म कर दिया गया है पर अभी भी राजघरानों में पारंपरिक रूप से राजतिलक कर राज्य का सांकेतिक उत्तराधिकार हस्तांतरित किया जाता है।
- महाराजा सवाई मानसिंह और उनकी पहली पत्नी मरुधर कंवर के बेटे भवानी सिंह की शादी पद्मिनी देवी से हुई थी। दीया कुमारी उनकी इकलौती बेटी हैं।
- दीया की पढ़ाई मॉडर्न स्कूल नई दिल्ली और महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल जयपुर में हुई। आगे की पढ़ाई के लिए वे लंदन गई।
- दीया कुमारी की शादी नरेंद्र सिंह से उनके दो बेटे पद्मनाभ सिंह और लक्ष्यराज सिंह और बेटी है गौरवी। दीया वर्तमान में सवाई माधोपुर से बीजेपी विधायक हैं।
- पद्मनाभ सिंह ने 12 साल की उम्र में जयपुर रियासत संभाली तो दूसरे बेटे लक्ष्यराज सिंह ने महज 9 साल में यह जिम्मेदारी संभाली।
- दीया कुमारी ने अपनी दादी पूर्व राजमाता गायत्री देवी की तरह राजनीति में प्रवेश करने की ठानी और सितम्बर 2013 में जयपुर में हुई रैली के दौरान भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
- इस रैली में वर्तमान प्रधानमंत्री व गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, वसुंधरा राजे समेत कई नेता मौजूद थे।
- इसके बाद दीया कुमारी को भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर सवाई माधोपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का मौका मिला और उन्हें जीत मिली।
- हालांकि उन्हें यहां हर फेस्टिवल के मौके पर देखा जाता है चाहे वे होली हो, गणगौर हो, तीज हो या मकर संक्रांति।

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