पिता और भाई ने किया लड़की से नौ साल तक रेप, मां ऐसे देती रही साथ
इस ख़बर की हेडिंग पढ़कर आपका भी माथा ठनक गया होगा, कि क्या ऐसा हो सकता है जहां एक लड़की के साथ अन्याय हो और पूरा परिवार उसमें शामिल हो। जी हां ऐसा हुआ है वो भी हमारे देश में। जहां पिता ने शोषण करना शुरु किया तो भाई ने भी रोकने की हिम्मत नहीं की बल्कि वो खुद ही वही गुनाह करने लगा। हद तो तब हो गई जब मां ने भी अपनी बेटी को रोकना मुनासिब नहीं समझा उसने भी दोनों का साथ देते हुए अपराध को छिपाने में लगी रही। ऐसी घटनाएं अब तक विदेशों में भी सुनने को नहीं मिली थी। लेकिन जब ये घटना सामने आई तो सबके होश उड गए।
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव छह सितंबर 2013 को अपने आवास पर जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। तभी अचानक एक लड़की सामने आई और उसने दो मिनट बात करने की बात कही। अखिलेश यादव ने जब उसकी बात सुनी तो कुछ देर तक वो भी सन्न रह गए, क्योंकि लड़की ने जो आरोप लगाए थे उनपर विश्वास करना बेहद मुश्किल था। लेकिन तत्काल उन्होने अपने पास खड़े अधिकारियों को लड़की की शिकायत दर्ज करने और न्याय दिलाने की बात की।
लड़की ने पुलिस को बताया की वो लखनऊ के आलमबाग इलाके की रहने वाली है, और बीते नौ सालों से घुट घुट कर जी रही है। लड़की ने बताया की चौदह साल तक अपनी नानी के घर रही। इसके बाद वह अपने पिता के घर आ गई। उसके नए घर का गृहप्रवेश था। इसी दिन उसके पिता की तबीयत खराब हो गई। पिता डॉक्टर के पास जाने के बजाए तांत्रिक के पास गए। जहां उसने कहा कि अपनी जिंदगी बचाने के लिए पापा को बेटी से संबंध बनाने होंगे। फिर उसे जबरदस्ती पिता के साथ संबंध बनाने पर मजबूर किया गया। जब कभी भी वो इसका विरोध करती तो उसकी पिटाई की जाती थी।
लड़की ने बताया कि पिता के रेप करने की आदत से मैं जिंदा लाश बन गई। पिता की इस हरकत को मैंने मां से बताया तो उसने कहा कि पिता की जान बचाने के लिए उसको ऐसा करना पड़ेगा। इसके बाद लड़की ने कहा कि मैंने बड़े भाई को राखी का वास्ता देकर इस नरक से बचाने के लिए कहा तो उसने भी उसके साथ रेप करना शुरु कर दिया। धीरे-धीरे दोनों का जब भी मन करता कमरे में आकर मेरे साथ रेप करना शुरु कर देते।
पीड़ित लड़की ने बताया की बाप भाई के घिनौने कृत्य के चलते कई बार प्रेगनेंट हुई तो मां देशी दवाई देकर तो कभी डॉक्टर के पास ले जाकर अबॉर्शन करा देती। धीरे-धीरे मैं एकजिन्दा लाश हो गई थी। घर का काम काज निपटाती दोनों बाप भाई की हवस की भूख शांत करती यही जिंदगी में रह गया था।
डरते-डरते एक दिन लड़की ने अपनी सहेली से पूरा दर्द बताया जिसके बाद उसने सुझाव दिया की । मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जनता दरबार में जा कर गुहार लगाए। जहां से उसे न्याय मिल सकता है। जिसके बाद घर में बेरोजगारी भत्ता का फार्म लेने जाने का बहाना बनाकर सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंची और उसने तात्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पूरी कहानी बताई।
अपनी दर्दभरी कहानी को सबके सामने लाने को और मां पिता और भाई के खिलाफ आवाज उठाने के लिए अखिलेश यादव ने लड़की को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित भी किया था। आज उसने किराए के मकान में ब्यूटीपार्लर खोला है। उससे वो 13,500 रुपए मकान मालकिन को किराया देती है। वो कहती है, कि पार्लर से वो करीब 20 से 25 हजार रुपए कमा लेती है। अपना केस भी वो खेद ही देख रही है। केस में ट्रायल चल रहा है। उसका बयान हो चुका है। उसकी एक दोस्त का बयान होना बाकी है। उसके बाद फैसला होना है।


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