इस रेसलर के पास कभी ट्रेनिंग के लिए नहीं थे पैसे, अब चला रहे हैं ट्रेनिंग सेंटर
स्टेट लेवल बॉडी बिल्डिंग टूर्नामेंट में शामिल होने द ग्रेट खली रायपुर आए। ग्रेड खली ने रेसलिंग की दुनिया में भारत का नाम रोशन किया हैं साथ नए लोगों को रेसलिंग के लिए प्रोत्साहित भी किया हैं। लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि रेसलिंग की दुनिया में नाम बनाना खली के लिए आसान नहीं था। खली के पास प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए एक वक्त पैसे नहीं थे।
- जैसे तैसे 40000 हजार जुटा कर वे सैन फ्रांसिस्को पहुंच गए। वहां पहुंचने के बाद सबसे बड़ी परेशानी इंग्लिश लैग्वेज की आई। उन्हें हिन्दी के अलावा और कोई लैंग्वेज नहीं आती थी।
- खली ने WWE से रिटायरमेंट के बाद भारत में सीडब्ल्यूई रेसलिंग अकादमी शुरू की। और भारत के युवाओं को एक प्लेटफॉर्म दिया। खली ने पंजाब के जांलधर शहर में सीडब्ल्यूई की शुरूआत की ।
हॉलीवुड और बॉलीवुड की फिल्मों में काम कर चुके वर्ल्ड रेसलर खली ने युवाओं को नसीहत देते हुए कहा कि अच्छा रेसलर बनने के लिए अच्छा स्वास्थ्य बहुत जरूरी है। युवाओं को फूड सप्लीमेंट से बचना चाहिए।
- स्टेरॉइड का प्रयोग लंबे समय तक करना घातक हो सकता है। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो हमें घरेलू और प्राकृतिक चीजों का ही उपयोग करना चाहिए।
छत्तीसगढ़ बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन की ओर से रविवार को आयोजित मिस्टर और मिस छत्तीसगढ़ बॉडी बिल्डिंग टूर्नामेंट में कोरबा के मुकेश गुप्ता ने मिस्टर छत्तीसगढ़ का खिताब जीता। वहीं विमेंस कैटेगरी में बालोद की सुनीता विश्वकर्मा मिस छत्तीसगढ़ बनीं।
- इंडोर स्टेडियम में हुए टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिले से (55किग्रा) से (85किग्रा) तक के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें फिजिकल चैलेंज टूर्नामेंट में भिलाई के अश्वनी सोनवानी विजेता रहे।
- स्पोर्ट्स फिजिक मेंस कैटेगरी में अनमोल और विमेंस कैटेगरी में सुनीता विश्वकर्मा विजेता बने। सभी विजेता खिलाड़ियों को द ग्रेट खली द्वारा पुरस्कार दिया गया। छत्तीसगढ़ बॉडी बिल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेन्द्र पांडे बताया कि वजन कैटेगरी के आधार पर भी खिलाड़ी विजेता रहे।

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