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चियरलीडर्स के हस्ते चेहरे में दब जाती उनके पीछे की ये कड़वी सच्चाई


जब भी IPL होता है या फिर नेशनल फुटबॉल लीग जब भी यह कार्यक्रम होते तब आपने चियरलीडर्स को अपना प्रदर्शन करते हुए देखा होगा यह खेल का मजा दुगुना कर देती है.

जब भी आपने देखा होगा तो आपको इनका मुस्कराता हुआ चेहरा दिखाई देता होगा लेकिन इन हस्ते हुए चेहरे के पीछे दर्द को जानेगे तो आपको लगेगा की यह वाकई गलत है इनका जीवन संघर्ष से भरा हुआ है आइये जानते है इनके बारे में.

चीयर गर्ल्स को फुटबॉल लीग के दौरान सभी खिलाड़ियों के साथ दर्शक का उत्साह बढाती है इसके उन्हें बहुत कम पैसे मिलते है जानकारी के अनुसार एक चीयरलीडर ने बताया कि उन्हें एक मैच के लिए सिर्फ 100 डॉलर दिए जाते हैं और इन्हें प्रैक्टिस के दौरान किसी भी तरह का पैसा नही दिया जाता है.

एक चियरलीडर के मुताबिक उन्हें हफ्ते में 3 दिन प्रेक्टिस करना होता हैं और उसके बाद गेम अपना परफॉर्मेंस देना होता है और इसके चैरिटी या फिर कॉरपोरेट वाले इवेंट्स में भी परफॉर्म करना पड़ता है और इसके लिए उन्हें पैसे नही दिए जाते है.

चियरलीडर्स से कोई गलती भी हो जाती है तो इसके लिए उन्हें फाइन भी भरना पड़ता है इनहे हमेशा चहेरे पर मुस्कराहट रखनी पडती है.

गेम चियरलीडर्स सभी के आकर्षण का केंद्र होती है इसलिए उन्हें अपनी फिटनेस का ध्यान रखना पड़ता है गेम के शुरू होने से पहले उनको अपना वजन चेक करवाना होता है यदि कभी उनका वजन अधिक हो जाता है तो उन्हें बैठा दिया जाता है और इस दौरान उनको पैसे भी नही मिलते है.

कहा जाता है जब जिस गाड़ी से चियरलीडर्स को भेजा जाता है उस गाड़ी में पुरुष भी होते है और इतना ही नही जब अपने जल्दी पहुचना होता है तो चियरलीडर्स को पुरुषों की गोद में बैठकर भी जाना पड़ता है जिससे उनको काफी शर्मिंदा होना पड़ता है.