Header Ads

ट्रांसजेंडर ने बताई अपनी शॉकिंग स्टोरी, कहा- रोज सामने होती है ऐसी कंडीशन


ट्रांसजेडर कम्युनिटी को लेकर अवेयरनेस फैलाने के लिए 14 नंबवर से 20 नंबवर तक ट्रांसजेंडर अवेयरनेस वीक की चल रहा है।

 देश में ट्रांसजेडर कम्युनिटी को लेकर अवेयरनेस फैलाने के लिए 14 नंबवर से 20 नंबवर तक ट्रांसजेंडर अवेयरनेस वीक की चल रहा है। वीक के चलते मुंबई में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत के संविधान में ट्रांसजेडर को तीसरे जेंडर का दर्जा दिया गया है। अब वे पढ़ाई से लेकर किसी भी पद पर नौकरी कर सकते है। हाल ही में दिल्ली में गे प्राइट परेड का आयोजन किया था ।

ट्रांसजेंडर को अपनी लाइफ जीने के लिए के काफी स्ट्रगल करने होते है। एक तरफ वे अपना रोजमर्रा का खर्च चलाने के लिए स्ट्रगल करती हैं तो दूसरी तरफ समाज में समान हक पाने के लिए उन्हें लड़ना पड़ता है।
- इस सेलिब्रेशन में देश के कोने-कोने से ट्रांसजेडर आए थे। उनका कहना था कि लोगों हमें इग्नोर करते है और इस तरह से बिहेव करते है जैसे हम इस दुनिया के ही नहीं है। लेकिन समाज का उच्च वर्ग जो एजुकेट है वो न सिर्फ हमें सम्मान देता बल्कि हमें अपनाता भी हैं।

गाजियाबाद की रहने वाली अपूर्वा पेशे से मेकअप आर्टिस्ट हैं। उनका कहना है कि अगर आप के पास काम है तो लोग आपको अपनाएंगे। वे बताती हैं कि जब वे बच्ची थी उस वक्त उनकी फैमिली उन्हें लड़की की तरह कपड़े नहीं पहनाती है।
- वो हमेशा से एक लड़की की तरह तैयार होना चाहती थी। कुछ समय मेरी मां के खत्म होने के बाद मैं वैसी ही तैयार होने लगी जैसा मैं चाहती थी और धीरे- धीरे मेरी फैमिली भी उसे स्वीकार ने लगी।

बोस्टन में 1998 में ट्रांसजेंडर कम्युनिटी की रीटा हेस्टर को उनके ट्रांसजेंडर होने के कारण मार दिया गया था। जिसके बाद ट्रांसजेंडर डे की शुरूआत करने वाली जी.एन स्मिथ ने इसकी शुरूआत की।