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राजस्थान की राजधानी के कुछ प्रमुख दर्शनीय स्थल


राजस्थान की राजधानी जयपुर को गुलाबी नगरी नाम से भी जाना जाता है. इस नगर में सुंदर नगरों, हवेलियों और किलों की भरमार है जयपुर का अर्थ है – जीत का नगर. इसे कुशवाह राजपूत राजा सवाई जय सिंह, द्वितीय ने बसाया था. उस समय का यह प्रथम नगर था जो योजनाबद्ध ढ़ंग से बसाया गया है.

मुगलों ने जो भवन बनवाए उनमें लाल पत्थर का उपयोग किया जबकि राजा जय सिंह ने पूरे नगर को ही गुलाबी रंग से पुतव दिया था. जिसके कारण जयपुर को गुलाबी नगरी कहा जाने लगा है.

हवा महल



हवा महल का निर्माण महाराजा प्रताप सिंह ने करवाया था और यह जयपुर के दक्षिण में स्थित है. इस खूबसूरत पांच मंजिला भवन को भगवान कृष्ण के प्रतिरुप के तौर पर बनवाया गया और इसमें 1000 छोटी खिड़कियां हैं हवामहल के मंजिलों के नाम शरद मंदिर, रत्नमंदिर, विचित्र मंदिर, प्रकाश मंदिरहवा मंदिर है.

जल महल



जल महल एक खूबसूरत वास्तुकला का नमूना है जो जयपुर शहर की सागर झील के बीच में बसा हुआ है इस महल की पहली मंजिल पर स्थित होल को बहुत अच्छी तरह से सजाया गया है लेकिन फिर भी इसके उपर स्थित चमेली बाग ज्यादा खूबसूरत है.

यह पूरा इलाका अरावली, अन्य किलों, मंदिरों और मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा है और इसमें मानव निर्मित पांच द्वीप हैं जो प्रवासी पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं.

आमेर के महल



लगभग दो शताब्दी पूर्व राजा मान सिंह, मिर्जा राजा जय सिंह और सवाई जय सिंह द्वारा निर्मित महलों, मंडपों, बगीचों और मंदिरों का एक आकर्षक भवन है मावठा झील के शान्त पानी से यह महल सीधा उभरता है और वहाँ कठिन रास्ते द्वारा ही पहुंचा जा सकता है इस महल को दीवाने-आम भी कहा जाता है.

नाहरगढ़ किला



अरावली की पहाडि़यों के किनारे पर स्थित नाहरगढ़ किले से गुलाबी शहर जयपुर का मनोरम नज़ारा दिखता है. नाहरगढ़ का अर्थ होता है शेरों का आवास और यह सचमुच राजस्थान की विरासत लगता है. इस किले में कई ऐतिहासिक महत्व की घटनाएं हुईं हैं, जैसे मराठा के साथ समझौते पर यहां हस्ताक्षर हुए और सिपाही विद्रोह के दौरान यह ब्रिटिश महिलाओं का आश्रय स्थल रहा.

सिटी पैलेस



इस विशाल किले के भीतर दो और किले हैं और ये जयपुर के पूर्वोत्तर भाग में स्थित है। सिटी पैलेस राजाओं का तख्त रहा है. इसमें कई भवन, आंगन, मंदिर और बाग हैं इसका निर्माण जय सिंह ने शुरु करवाया था. संगमरमर के दो नक्काशीदार हाथी प्रवेश द्वार पर प्रहरी की तरह खड़े रहते है. जिन परिवारों ने पीढ़ी दर पीढ़ी राजाओं की सेवा की है वे लोग गाइड के रूप में कार्य करते है.

जंतर मंतर



सिटी पैलेस से कुछ दूरी पर स्थित है, जयपुर का जंतर मंतर. यह एक पत्थर की वेगशाला है. यह जयसिंह की पाँच वेगशालाओं में से सबसे विशाल शाला है. संगमरमर और स्थानीय पत्थरों से बना यह खूबसूरत भवन देश का सबसे बड़ा भवन है जिसे खगोलीय पिंडों की खोज के लिए बनाया गया. इसमें 14 स्थापित और ध्यानकेंद्रित उपकरण हैं.

स्टेचू सर्किल


चक्कर के मध्य सवाई जयसिंह का स्टैच्यू बहुत ही उत्कृष्ट ढंग से बना हुआ है. इसे जयपुर के संस्थापक को श्रद्धांजलि देने के लिए नई क्षेत्रीय योजना के अंतर्गत बनाया गया है। यह राजस्थान का सबसे जीवंत शहर जयपुर कई रंगों में रंगा हुआ है और पूरे देश में विशाल वैभव और रोयल्टी के लिए जाना जाता है। इस गुलाबी शहर का सबसे प्रसिद्ध लैंडमार्क हलचल से भरा स्टेचू सर्किल है.