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मौत का सामान ले प्लेन पर चढ़ी थी बूढ़ी महिला, अनजाने में ले ली 39 जानें


आज के समय में जहां एयरपोर्ट्स पर काफी टाइट सिक्युरिटी इंतजाम रहते हैं, वहीं पहले इतनी स्ट्रिक्टनेस नहीं थी। 1 नवंबर, 1955 में हुए विमान हादसे को सभी पायलट की गलती मानते रहे लेकिन जब FBI ने इसकी जांच की तो कई तरह के शॉकिंग खुलासे हुए। इस हादसे में कुल 40 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें धमाके की जिम्मेदार पैसेंजर भी शामिल थी। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि उस महिला को भी नहीं पता था कि उसके बैग में ही मौजूद था मौत का सामान।

सालों पहले हुए इस हादसे की सच्चाई काफी कॉम्प्लिकेटेड थी। पहले तो सबको लगा कि हादसा पायलट की गलती से या प्लेन की टेक्नीकल फॉल्ट के कारण हुआ था। लेकिन जब मलबे में मौजूद सामान इकठ्ठा किया गया तो उस फ्लाइट में मौजूद एक महिला पैसेंजर के सामान ने काफी राज खोल दिए। यूनाइटेड एयरलाइन्स की फ्लाइट 629 में उड़ान भरने के 11 मिनट बाद ही धमाका हो गया था।

 ये फ्लाइट न्यूयॉर्क सिटी के ला गार्डिया एयरपोर्ट से डेनवर के स्टेपलेटन इंटरनेशनल एयरपोर्ट उड़ान भरती थी। लेकिन घटना वाले दिन प्लेन को सीएटल, वाशिंगटन तक जाना था। ऐसा हो नहीं पाया कर बीच में ही प्लेन में आग लग गई। प्लेन क्रैश हो गया और उसमें सवार चालीस लोगों की मौत हो गई। पहले तो सभी इसे एक्सीडेंट समझ रहे थे लेकिन तभी उन्हें फ्लाइट में मौजूद 53 साल की पैसेंजर डैजी किंग का सामान मिला, जिसमें विस्फोटक होने के के निशान मिले थे। अब सवाल ये था कि क्या महिला ने जानते हुए बैग में विस्फोटक रखे थे?

जांच के बाद जो बात सामने आई, उसके मुताबिक, डैजी को भी नहीं पता था कि वो फ्लाइट में मौत का सामान लेकर चढ़ रही है। उसके बेटे ने डैजी के इंश्योरेंस के पैसे लेने के लिए चुपके से उसके सामान में विस्फोटक रख दिए थे। दरअसल, डैजी का बेटा जॉन गिल्बर्ट क्रिमनल था। पैसों की कमी के कारण डैजी ने बचपन में ही जॉन को अनाथ आश्रम में छोड़ दिया था। लेकिन जब डैजी की आर्थिक स्थिति ठीक हुई, तो सालों बाद वो अपने बेटे से मिली। लेकिन जॉन के मन में पैसों का लालच आ गया था। उसने अपनी मां के साथ फ्लाइट में मौजूद 39 अन्य लोगों को भी मौत के घाट उतार दिया।