कोर्ट में रोने लगी जज एग्जाम की टॉपर, बोली- पुलिस ने करंट लगा किया टॉर्चर
सिविल सर्विसेस ज्यूडिशियल ब्रांच पेपर (एचसीएस) लीक मामले में अरेस्ट की गई टॉपर सुनीता से पुलिस 3 दिन तक पूछताछ करती रही पर उसके हाथ कुछ नहीं लगा। रविवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां उसकी रिमांड 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई। सुनवाई के दौरान जज ईमानबीर सिंह धालीवाल के सामने सुनीता रो पड़ी। आरोप लगाया कि पुलिस ने टॉर्चर किया। उसके कानों पर करंट लगाया गया।
-बता दें कि पिंजौर की वकील सुमन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि एचसीएस परीक्षा का पेपर लीक हुआ और डेढ़ करोड़ में बिका था। उसे भी पेशकश की गई थी।
- इस मामले में पुलिस ने सुनीता को वीरवार को चंडीगढ़ पुलिस ने दिल्ली के नजफगढ़ से अरेस्ट किया था।
- पुलिस ने सुनीता के लिए और रिमांड नहीं मांगी। कहा कि सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट आने के बाद रिमांड की जरूरत पड़ेगी।
- इस पर जज ने कहा अगर पुलिस को जरूरत पड़ती है तो वह फ्रेश एप्लीकेशन मूव कर सकती है।
ऐसे हुआ था खुलासा
- पिंजौर की वकील सुमन ने हाईकोर्ट में पिटीशन दायर कर कहा था कि पेपर डेढ़ करोड़ में बिक रहा है। उसे भी पेशकश की गई थी।
- सुमन ने सुशीला नाम की एक लड़की से लेक्चर की ऑडियो क्लिप मंगाई थी, लेकिन उसने गलती से सुनीता से अपनी बातचीत की ऑडियो क्लिप सेंड कर दी। जिसमें पेपर में आने वाले प्रश्नों पर हुई बातचीत रिकॉर्ड थी।
- पिटीशन पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अपने लेवल पर जांच शुरू की, जिसमें सामने आया कि हाईकोर्ट के ही रिक्रूटमेंट रजिस्ट्रार डॉ. बलविंदर शर्मा के मोबाइल फोन से सुनीता के फोन पर सालभर में 760 बार कॉन्टैक्ट हुआ था। बाद में सुनीता ही एक्जाम में टॉपर रही।
- सुशीला नाम की दूसरी लड़की रिजर्व कैटेगरी की टॉपर बनी। हालांकि, बाद में कोर्ट ने परीक्षा ही रद्द कर दी।

Post a Comment