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धोनी तीन साल से टी20 में कर रहे करियर बेस्ट बैटिंग, ऐसी रही है परफॉरमेंस


पिछले तीन साल में धोनी का एवरेज और स्ट्राइक रेट उनके करियर के शुरुआती नौ सालों के मुकाबले बेहतर है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में टीम इंडिया की जीत के बावजूद पूर्व कप्तान महेंद्रसिंह धोनी के टीम में बने रहने को लेकर बातें शुरू हो गई हैं। वीवीएस लक्ष्मण सहित कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने टी20 मैचों के लिए टीम में उनके रहने पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने उनका सपोर्ट किया है।

कोहली और शास्त्री 2019 के वर्ल्ड कप तक उन्हें टीम के लिए जरूरी मानते हैं। कोहली ने यह तक कह दिया है कि धोनी की उम्र 35 साल से ज्यादा है, इसलिए उन पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि टीम के लिए अब भी उनकी परफॉर्मेंस बेहद शानदार है।
- कप्तान की बात काफी हद तक सही भी है, क्योंकि इंटरनेशनल टी20 मुकाबलों में पिछले तीन साल में धोनी का एवरेज और स्ट्राइक रेट उनके करियर के शुरुआती नौ सालों के मुकाबले बेहतर है।
- हालांकि यह भी सही है कि धोनी अब पहले की तरह आते ही ताबड़तोड़ बैटिंग नहीं कर पाते, जिसकी टी-20 में सख्त जरूरत होती है। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि बैटिंग ऑर्डर में उनकी जगह तय नहीं है।

धोनी बैटिंग के लिए आते ही अब बड़े शॉट नहीं लगा पा रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबलों में भी ऐसा देखने को मिला है।
- 100 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से पहले धोनी औसतन 23 बॉल खेलते हैं। हालांकि, आखिरी तक टिके रहे तो उनका स्ट्राइक रेट 125 से ज्यादा होता है। लेकिन टी-20 में ज्यादातर बार ये जरूरी होता है कि आते ही बैट्समैन लंबे शॉट खेले।

 धोनी ने पिछले तीन साल में 33 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 140 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं।
- इससे पहले 2006 से 2014 के बीच उन्होंने केवल 2010 में इससे ज्यादा की स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे।