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आश्रम में रेड-मिलीं 12 लड़कियां, सामने आया बाबा के चमत्कार का गंदा सच


आश्रम से छापेमारी में बिहार और यूपी की कई लड़कियां मिली हैं।

यहां के बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ लड़कियों को बंधक बनाए जाने की शि‍कायत पर पुलिस ने सोमवार को इनके बांदा स्थि‍त आश्रम पर छापा मारा। यहां से 12 लड़कियां मिलीं, ये सभी बिहार और यूपी से हैं। पूछताछ में उन्होंने कई खुलासे किए। मंगलवार को बाबा-संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल बाबा अभी फरार हैं।

 बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का दिल्ली में 'आध्यात्मिक ईश्वरीय' नाम से एक यूनि‍वर्स‍िटी है। इसकी कई ब्रांचेज हैं। यूपी के बांदा में उसका एक आश्रम है। बाबा पर लड़कियों को बंधक बनाए जाने की शि‍कायत मिली थी।
- आश्रम से सालों से जुड़ी एक सेविका ने बताया, ''मुझे आश्रम में माता कहकर बुलाया जाता था। यहां आने से पहले मैं ब्रह्माकुमारी आश्रम में थी। जब मैं बाबा के आश्रम में गई तो लोगों ने बताया- वीरेंद्र दीक्षित के शरीर में भगवान हैं। वे भोलानाथ और कृष्ण कन्हैया भी हैं।''

- ''7 दिन तक मेरी भट्टी (एक रस्म) हुई, इस दौरान मुझे एक कमरे के अंदर रखा गया। कहा गया- इन 7 दिनों में आसमान तक नहीं देखा जाता है। जब मैंने पूछा ये सब क्यों ? तो बताया गया, बच्चा जिस तरह पेट में रहता है, वैसे ही तुम यहां 'गर्भ महल' में हो।''

- ''2007-2015 तक मैं आश्रम की सेवा में लगी रही। इस बीच मुझे मोबाइल तक यूज करने की इजाजत नहीं थी। हमसे कहा जाता था- अपने आप को यहीं सरेंडर कर दो। बाहरी दुनिया में क्या रखा है।''
- ''इस दौरान हम देश के कई आश्रमों में गए और बाबा की सेवा की। जब बाबा फर्रुखाबाद आए तो हमारी इच्छा हुई कि भगवान आए हैं चलो इनके दर्शन कर लें।''

''दर्शन के लिए जैसे ही मैं कमरे के अंदर गई, वहां का नजारा देख आंखें खुल गईं। अंदर बाबा बैठे थे और छोटी-छोटी लड़कियां उनके हाथ-पैर दबा रहीं थी। मेरे अंदर बाबा का रहस्य जानने की जिज्ञासा हुई।''
- ''एक दिन मैं रात में चुपचाप बाबा के कमरे में जाकर देखा तो वहां लड़कियां बाबा की मालिश कर रही थीं।''
- ''दूसरे दिन मैंने उन लड़कियों से पूछा- आप लोग बाबा के कमरे में क्या कर रहीं थी। उन्होंने कहा- माता जी ये बाबा का प्रसाद है, जिसको मिल जाए उसके भाग खुल जाते हैं। मैंने सोचा जब इतना अच्छा प्रसाद है तो क्यों ना मैं भी ले लूं। जब मैं बाबा के कमरे में गई तो उनके शरीर पर सिर्फ एक तौलिया था।''

''मैं बाबा के पास गई और उनके पैर दबाने लगी। तभी उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोले- तुम्हें भी प्रसाद चाहिए, मैंने कहा जी। इसके बाद बाबा निर्वस्त्र हो गए। मैंने गुस्से से खड़ी हो गई।''
- ''आश्रम में रहते-रहते लड़कियां बड़ी हो जाती थीं और उनको पीरियड्स आने लगते तो वहां की सेविकाएं हंसते हुए कहतीं थी, बाबा अब इनको भी प्रसाद देंगे।''

''जब लड़कियां आश्रम में गलती कर देतीं तो बाबा उनको बहुत मारते थे। बाद में उन्हें ये कहते हुए मना भी लेते थे कि अब तुम्हारी सजा कम हो गई।''
- ''आश्रम में आने से पहले बाबा 10 रुपए के स्टांप पर उनके माता-पिता से लिखवाता था कि अब लड़की के माता-पिता, सगे-संबंधी और यहां तक कि पति सब हम हैं।''

एक अन्य पीड़ि‍ता ने बताया, ''मेरी मां मुझे वीरेंद्र देव दीक्षित के दिल्ली स्थित आश्रम छोड़कर आई थी, बाद में मुझे राजस्थान शि‍फ्ट कर दिया गया। वहां बाबा दीदी लोग (बड़ी लड़कियों) से पहले मालिश कराते थे और बाद में वे उन्हें नहलाती थीं। हमसे भी कई बार ऐसा करने के लिए कहा गया, लेकिन मेरा मन नहीं हुआ।''
- ''रात में बड़ी लड़कियां बाबा के कमरे में जाती थीं। वहां उनको गलत तरीके से छूता था। मुझे भी पकड़ कर ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन मैं छूट कर भाग गई।''

''वहां रहकर मैंने कई बार कहा- मम्मी से बात करा दो, लेकिन मेरी बात नहीं कराई जाती थी। जैसे-तैसे एक बार बात कराई गई तो मैंने मम्मी को पूरा हाल बताया। वे मुझे लेने आ गईं। मम्मी के साथ मुझे आने नहीं दिया जा रहा था। कह रहे थे बाहर जाकर क्या करोगी। बाहर जाओगी तो चांडाल बन जाओगी और गंदी जगह में जन्म लेना पड़ेगा।''

पीड़िता की मां ने बताया, ''मैंने अपनी बेटी को बाबा के यहां 2015 में छोड़ा था। 2017 में बहाना बनाकर वहां से ले आई। बाबा लड़कियों के साथ गलत काम करता है। बाबा लड़कियों के रूम में सोता है।''
- ''वो लड़कियों से बोलता है- मैं कृष्ण हूं। मेरी 16,108 रानियां हैं और जो मेरी $@# पर बैठेगी वो पटरानी बनेगी। वो खुद को भगवान मानता है।

- ASP भरत कुमार लाल ने बताया, बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित और हेमंत राय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द कार्रवाई की जाएगी। बाबा की तलाश की जा रही है, फिलहाल वो फरार है।