दिल्ली को छोड़िए जनाब, ये हैं भारत के 10 सबसे प्रदूषित शहर, आपका प्यारा पटना भी इससे अछूता नहीं
देश में कोहरे ने सभी को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है. साथ हवा का स्तर बहुत ही नीचे गिरता जा रहा है जिसकी वजह से कई लोग दुर्घटनाओँ की चपेट में आने लगे हैं.
कोहरे के कारण इन दिनों सड़क दुर्घटना के मामले भी काफी बढ़ गए हैं. जहां साफ हवा का क्वालिटी इंडेक्स 0 से 50 के बीच होना चाहिए, वहीं दिल्ली का एवरेज फिलहाल 411 के करीब चल रहा है. वैसे आपको बता दें कि भारत के कई शहर प्रदूषण के मामले में दिल्ली को टक्कर देते हैं. ऐसे में आज हम आपको भारत के 10 सबसे प्रदूषित शहरों के बारे में बताने जा रहे हैं.
WHO ने जारी की लिस्ट – विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दुनिया के 100 सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट जारी की थी. इनमें भारत के कई शहर भी शामिल हैं. भारत के टॉप 10 शहर जो इस लिस्ट में शामिल हैं, लोगों के लिए हवा में जहर परोस रहे हैं. इनमें सबसे पहले नंबर पर राजधानी दिल्ली है.
1. दिल्ली
पर्टिकुलेट मीटर, जानी प्रदुषण मापने का पैमाना, के मुताबिक, जहां हवा का PM2.5 (microns) होना चाहिए, वहीं दिल्ली में इसकी मात्रा 153 माइक्रोग्राम)/क्यूबिक मीटर है. जबकि PM10 की मात्रा 286 माइक्रोग्राम)/क्यूबिक मीटर भी यहीं पार्इ गर्इ है. इस लिहाज से दिल्ली में रहना बेहद मुश्किल साबित हो सकता है. खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है.
2. पटना, बिहार
बिहार की राजधानी पटना में जो हवा मौजूद है, वो किसी स्वस्थ इंसान को दिल और फेंफडों की बीमारी दे सकता है. WHO की लिस्ट में ये शहर दूसरे पायदान पर है. यहां मौजूद इंडस्ट्रीज से निकलने वाला धुआं लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को गंभीर बीमारियों की चपेट में भेज सकता है. WHO के फिगर्स की माने तो यहां पीएम2.5 की मात्रा 149 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर जबकि पीएम10 की मात्रा 164 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है. बता दें कि पहले इस शहर को चीनी मिल्स और उन्नत खेती के लिए विश्व में जाना जाता था लेकिन अब प्रदूषण के मामले में जाना जाता हैं.
3. ग्वालियर, मध्य प्रदेश
छोटा सा शहर ग्वालियर भारत के प्रमुख शहरों से भी ज्यादा प्रदूषित माना गया है. यहां हवा में लगातार टोक्सिन की मात्रा बढ़ती जा रही है. लोगों में हार्ट अटैक के अलावा कई तरह की सांस-सम्बंधित बीमारियां देखने को मिल रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस शहर में चलने वाली गाड़ियों में मात्र 25 प्रतिशत ही इको-फ्रेंडली है.
WHO के हिसाब से यहां पीएम2.5 की मात्रा 144 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर जबकि पीएम10 की मात्रा 329 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर मापी गर्इ है.
4. रायपुर, छत्तीसगढ़
इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन इस शहर को प्रदूषित करने में सबसे बड़ा योगदान निभा रहे हैं. हवा में घुला जहर लोगों के अंदर कई तरह की बीमारियां घर करवा रहा है. WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तो ये शहर चौथे स्थान पर है, लेकिन जिस स्पीड से इस शहर का प्रदुषण बढ़ रहा है, वो चिंता का विषय है.
यहां पीएम 2.5 की मात्रा 134 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर, जबकि पीएम10 की मात्रा 305 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक है.
5. अहमदाबाद, गुजरात
अहमदाबाद अपने टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के कारण जाना जाता है. लेकिन इनकी वजह से यहां प्रदुषण भी काफी बढ़ रहा है. चिमनियों ने निकलने वाला जहर लोगों को हवा में बीमारियां परोस रहा है. हालांकि, गुजरात सरकार इस समस्या को सुलझाने के लिए कई स्टेप्स ले रही है, लेकिन अभी भी यहां होने वाली कई मौतें प्रदुषण के कारण हो रही हैं. पीएम2.5 की मात्रा 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर जबकि पीएम10 की मात्रा 67 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पार्इ गयी है.
6. फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश
ये शहर रंगीन कांच की चूड़ियां बनाने के लिए मशहूर है. लेकिन ग्लास इंडस्ट्री के कारण यहां प्रदुषण भी काफी ज्यादा हो रहा है. हवा में जहरीली गैस मिलती जा रही है, जिसकी वजह से लोगों को कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है. यहां कई अनऑथॉराइज़्ड फैक्ट्री भी चल रहे हैं, जो आग में घी डालने का काम कर रहे हैं.
पीएम2.5 की मात्रा 96 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर जबकि पीएम10 की मात्रा 218.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पाई गई.
7. अमृतसर, पंजाब
एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के प्रदूषण के कारण हर दिन करीब 80 लोगों की मौत हो रही है. प्रदूषण के कारण यहां बने गोल्डन टेम्पल पर भी बुरा असर पड़ रहा है. मंदिर की बाहरी दीवारों का रंग इस वजह से फीका पड़ता जा रहा है। इंडस्ट्री के अलावा ट्रैफिक से भी काफी प्रदूषण हो रहा है. यहां पीएम 2.5 की मात्रा 92 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर जबकि पीएम10 की मात्रा 210 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक है.
8. कानपुर, उत्तर प्रदेश
इस शहर में काफी धूल उड़ती है। डस्ट पार्टिकल्स के कारण शहर में सांस लेना काफी मुश्किल है। यहां चलने वाली गाड़ियों के अलावा ग्रीन हाउस गैसों की वजह से यहां की हवा में जहरीले पदार्थ काफी ज्यादा शामिल हो गए हैं. यहां रहने वाले लोगों में सांस से सम्बंधित बीमारियों में इजाफा हो रहा है. यहां पीएम2.5 की मात्रा 93 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर जबकि पीएम10 की मात्रा 211.67 माइक्रोग्राम प्रति घन है.
9. आगरा, उत्तर प्रदेश
इस शहर में तो एसिड रेन की खबर भी आ चुकी है. माना जाता है कि प्रदूषण के कारण ताज महल पर भी असर पड़ रहा है. लोगों में जहां कई तरह की बीमारियां देखने को मिल रही है, वहीं ये शहर प्रदूषण के कारण अपनी हिस्टोरिकल वैल्यू भी खोता जा रहा है.
10. लुधियाना, पंजाब
पंजाब की राजधानी वैसे तो लिस्ट में दसवें नंबर पर है, लेकिन यहां इंडस्ट्री से निकलने वाले धुंए के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ रहा है. सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियां हवा में नाइट्रोजन ऑक्साइड्स के अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड्स, सल्फर डाइऑक्साइड और अन्य खतरनाक गैस मिक्स करते हैं.वयहां पीएम2.5 की मात्रा 91 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर, जबकि पीएम10 की मात्रा 207 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक आंकी गर्इ.


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