दर्दभरी है दास्तां, खुद की शादी के लिए डॉक्टर के यहां किया ऐसा काम
इस लड़की के साथ वक्त और हालात ने ऐसा खेल खेला, जिससे मजबूर होकर वह मासूम बेटी को छोड़कर भाग गई। पुलिस ने जब मोबाइल नंबर के आधार पर मोनिशा को ढूंढकर पड़ताल की एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसे सुनकर हर एक का दिल भर आया। उसके भाई ने अपना कर्जा चुकाने के लिए एक सूदखोर के साथ जबरदस्ती उसकी शादी कर दी थी। बाद में पति सौतन ले आया और इसे नौकरानी बनाकर रख दिया। इसके बाद मोनिशा ने मां को बेटी को सौंपकर दूसरा घर बसा लिया।
मोनिशा यादव पति जीत कुमार ने चाइल्ड लाइन को बताया कि उसका मायका स्कीम नंबर 71 है। उसके पिता नहीं है। उसके बड़े भाई ने सागर निवासी जीत कुमार से काफी कर्जा ले रखा था। जीत कर्जा उतारने के लिए बहुत दबाव बना रहा था। उसने भैया को कहा या तो मेरे पैसे चुकाओं या अपनी बहन से मेरी शादी करा दो।
- उस समय मेरा रिश्ता मेरी मामी के एक रिश्तेदार से तय हो गया था, लेकिन जीत से डरकर भैया ने वो रिश्ता तोड़कर उससे मेरी शादी करवा दी। हमारी शादी मंदिर में हुई थी। शादी के बाद कुछ दिन तक तो सब ठीक चला फिर जीत ने मेरे साथ मार-पीट शुरू कर दी। वो मुझे नौकरानी की तरह रखता था।
- बेटी होने के बाद उसका व्यवहार और खराब हो गया। फिर उसने दूसरी शादी कर ली और उस लड़की को घर ले आया। दोनों मुझे और मेरी बेटी को खूब परेशान करते थे। मजबूर होकर मैं अपने मायके आ गई, लेकिन यहां भैया का व्यवहार भी ठीक नहीं था। इसलिए मैं उनके घर के पास एक कमरा लेकर रहने लगी।
- मैंने एक बुटिक में नौकरी कर ली, लेकिन वेतन इतना कम मिल रहा है कि गुजारा करना भी मुश्किल है। तंग आकर मैंने वापस अपने मंगेतर से बात की। उसकी शादी नहीं हुई थी। वो मुझसे शादी करने को तो तैयार हो गया, लेकिन अंशिता को अपनाने को तैयार नहीं था।
- मैं अपनी मम्मी का इलाज करवाने एक डॉक्टर के यहां आती हूं। मुझे वो काफी भले इंसान लगे। मुझे पता चला कि उनका कोई बच्चा नहीं है, इसलिए मैंने अंशिता को उनके पास छोडने का फैसला किया।
- चाइल्ड लाइन समन्वयक अविनाश वर्मा ने बताया कि बच्ची को कुछ दिनों तक सेंटर पर रखकर उसकी कांउसलिंग की थी। बाद में बच्ची की नानी उसे लेने आई तो उन्हें समझाकर उनके साथ बच्ची को भेज दिया। फिलहाल बच्ची नानी के पास है, जबकि मां ने दूसरा घर बसा लिया है।
- सुविधि नगर स्थित डॉक्टर सीएस बार्गल के क्लीनिक में एक महिला ढाई साल की एक बच्ची को छोडकर चली गई थी। महिला ने डॉक्टर की पत्नी से कहा कि वह उसकी मां का ट्रीटमेंट करवाने आई है। वह मां को चौराहे से लेकर आ रही है तब तक आप बच्ची को संभाल लो। लेकिन उसके बाद वह महिला गायब हो गई। इस पर डॉक्टर बार्गल ने एरोड्रम थाने को सूचना दी। पुलिस ने अंशिता नामक बच्ची को चाइल्ड-लाइन संस्था को सौंप दिया था।
- मोबाइल नम्बर्स के आधार पर पुलिस ने उसकी मां मोनिशा यादव निवासी नंबर 51 को ढूंढ निकाला। मोनिशा ने स्वीकार किया कि वो खुद अपनी बेटी को डाॅक्टर के क्लीनिक पर छोडकर गई थी। उसने कहा कि डाॅक्टर भले आदमी हैं, उसे लगा था वो उसकी बेटी को अपना लेंगे और उसकी अच्छे से देखभाल करेंगे।

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