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सऊदी अरब से चुनाव लड़ने भारत आया ये अरबपति, हेलिकॉप्टर से आता है घर




हिमाचल प्रदेश विधान सभा चुनाव में एक अरबपति चेहरा ऐसा भी है जो सऊदी अरब से यहां चुनाव लडऩे आया है। यहां हम बात कर रहे हैं सऊदी अरब में डायमंड समेत कई कंपनियोंं के मालिक प्रकाश राणा की, जो मंडी जिले की जोगिंदरनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। प्रकाश हमेशा अपने गांव हेलिकॉप्टर से आते हैं, इसके लिए उन्होंने घर के बाहर हेलीपैड भी बनवाया हुआ है।

- सऊदी में अरब में कारोबार करने वाले प्रकाश राणा अपने विदेशी धन से कमाए पैसे का ७, से 10 फीसदी हिस्सा अपने इलाके के जनता पर खर्च करते हैं। वह अपने गांव दिल्ली से हेलिकॉप्टर में आते हैं, जिसके लिए उनके गांव लड़भड़ोल में बाकायदा अपने आलीशान बंगले के बाहर हेलिपैड भी बना रखा है।


मंडी जिला के जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले गोलवां गांव निवासी प्रकाश राणा विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए सउदी अरब से अपने मूल गांव करीब छह माह पहले आ गए थे।
-उन्होंने राजनीतिक दलों से चुनाव लडऩे के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन जब किसी राजनीतिक दल ने उन्हें तव्वजो नहीं दी तो वह बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मैदान में कूद गए।


-1985 में बतौर कर्मचारी सउदी अरब जाने वाले प्रकाश राणा आज वहां करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं।
-उनका सऊदी अरब में पार्टनरशिप में ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, डायमंड और इंजीनियरिंग इक्यूप्मेंट्स का कारोबार है। जिसे उनका बड़ा बेटा राहुल राणा संभाल रहा है।



प्रकाश राणा का कहना है कि उनके स्व. पिता प्रेम कुमार की इच्छा थी की वह राजनीति में आकर लोगों की सेवा करें।


-प्रकाश कहते हैं कि उन्हें राजनीति से कुछ हासिल करना नहीं है, वह जनता को सबकुछ देना चाहते हैं।


-वह कहते हैं कि यदि वह जीत जाते हैं तो वह एक एमएलए को मिलने वाले वेतन और भत्तों को भी जनता को समर्पित कर देंगे।

-उन्होंने नामांकन के दौरान देश में अपनी 24 करोड़ की चल अचल संपति और 47 बैंक खातों का ब्यौरा दिया है।



-इनके पास वहां करीब 700 भारतीय कार्यरत हैं जबकि इलाके के करीब 80 लोगों को इन्होंने वहां पर रोजगार दे रखा है। वह मानते हैं कि जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र काफी पिछड़ चुका है और इसी मुद्दे पर वह जनता की राय से चुनाव लड़ेंगे। प्रकाश राणा इलाके के नामी गिरामी लोगों में गिने जाते हैं। प्रकाश राणा ने बताया कि जब वह सऊदी अरब गए तो उनके माता पिता गांव में अकेले रह रहे थे। इसलिए उनके बीमार होने या किसी भी इमरजेंसी के लिए उन्होंने अपने घर के सामने हेलिपैड का निर्माण करवाया।