ये है रावण की असली गुफा, आज भी हैं हनुमानजी के पैरों के निशान
आज आपको बता रहा है श्रीलंका में मौजूद रामायण काल की कुछ जगहों के बारे में
श्रीलंका में आज भी अशोक वाटिका से लेकर रावण की गुफा तक मौजूद है। पंचकूला के बिजनेसमैन सतीश बंसल ने कुछ साल पहले श्रीलंका की यात्रा पर गए थे। जहां उन्हें रामायण काल की कई ऐसी जगहों पर गए, जिनका जिक्र अक्सर इतिहास में होता है।
आज आपको उन्हीं की जुबानी बताने जा रहा है श्रीलंका में मौजूद रामायण काल की कुछ जगहों के बारे में...
- राम और रावण से जुड़ी अलग-अलग जगहों के बारे में तो बचपन से सुनता आ रहा था, लेकिन जब मुझे पता चला कि रामायण काल के निशान आज भी मौजूद हैं तो शुरू में तो मैं इस बात पर विश्वास नहीं कर पाया।
- कुछ साल पहले जब मैं बिजनेस के सिलसिले में श्रीलंका गया तो मुझे वहां के लोगों ने रामायण काल से जुड़े प्रतीकों के बारे में बताया। तब मुझे मौका नहीं मिला कि मैं उन जगहों पर जा पाऊं, लेकिन 6 महीने के बाद मैं फिर श्रीलंका गया।
- वहां एक गाड़ी किराए पर लेकर मैंने कोलंबो से यात्रा शुरू की। वहां से मैं कैंडी के उस मंदिर के दर्शन करने गया जहां भगवान बुद्ध का दांत रखा हुआ है। छोटे से पहाड़ पर बने इस मंदिर को टूथ रेलिक टेंपल कहा जाता है।
- वहां से मैं गया अशोक वाटिका के सीता अहिल्या टेंपल में। यहां आज भी पानी की वो धारा बहती है, जहां सीता मां स्नान किया करती थी। यहां हनुमान जी के चरणों के निशान आज भी हैं।
यहां सीता अग्निपरीक्षा मंदिर भी है। मैं जब इस मंदिर में गया तो मुझे एक बात पता चली कि श्रीलंका कोर्ट में केस से पहले इस मंदिर की कसमें खाई जाती हैं।
- यहां से कुछ दूरी पर रावण की गुफा भी है, जहां जाना मेरे लिए चैलेंज था। जंगल के बीचों-बीच बनी इस गुफा तक जाने का रास्ता खतरों से भरा है।
लोगों का कहना था कि वहां जो जाता है लौटकर नहीं आता, लेकिन मैंने सोच लिया था कि उस गुफा के दरवाजे तक तो जाना ही है। रास्ते में घोर अंधेरा था। सांप भी मिले।
ऊबड़-खाबड़ रास्ते को पार करते हुए मैं रावण की गुफा के दरवाजे तक पहुंचा। वहां माथा टेककर वापिस लौट आया, क्योंकि गुफा के अंदर जाने की हिम्मत तो मुझमें भी नहीं थी।
- यात्रा की सबसे दिलचस्प चीज रही जंगल के बीच बना हुआ ऐसा म्यूजियम जहां आज भी उस काल की ऐसी चीजें रखी हुई हैं जिनके बारे में कोई नहीं जानता।
इसमें मैंने 101 शिवलिंग की तस्वीर ली। जिन शिवलिंग की पूजा रावण ने श्री राम से युद्ध करने से पहले की थी।
- इसी म्यूजियम में नारियल के आकार का रूद्राक्ष भी मौजूद है जिसके ऊपर शेषनाग बने हैं।
- रावण बाग की बात करें तो यह ऐसी जगह है जहां हजारों साल पुराने हर क्षेत्र के पेड़-पौधे मौजूद हैं।
- मुनेश्वर टेंपल यहां एक ऐसा मंदिर हैं जहां श्री राम ने रावण के वध के बाद शिव जी की पूजा की थी।
- ये यात्रा मेरे लिए पूरी जिंदगी यादगार रहेगी, क्योंकि जिस रामायण को मैंने बचपन से सुना था, जिन जगहों के बारे में पढ़ा था, उन्हें वहां जाकर मैंने प्रत्यक्ष देखा भी।


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