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सचिन-सहवाग के साथ खेला ये क्रिकेटर, युवराज की वजह से खत्म हुआ करियर



पूर्व इंडियन क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने हाल ही में अपना 41वां बर्थडे (19 सिंतबर 1977) सेलिब्रेट किया। दिल्ली के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट खेल चुके आकाश ने अपना टेस्ट डेब्यू न्यूजीलैंड के खिलाफ किया था। हालांकि उनका करियर केवल सालभर ही चला। वे टीम में ओपनिंग बैट्समैन का रोल निभाते थे।


आकाश चोपड़ा ने अपना टेस्ट डेब्यू अक्टूबर 2003 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज के पहले मैच में द्रविड़ की कप्तानी में किया था।


- उनके टेस्ट डेब्यू के वक्त टीम में द्रविड़, तेंडुलकर और लक्ष्मण जैसे दिग्गज प्लेयर्स भी थे। लेकिन इसके बावजूद उन्हें सहवाग के साथ ओपनिंग करने का मौका मिला।


- अपने पहले टेस्ट की पहली इनिंग में आकाश ने 42 रन बनाकर अच्छा डेब्यू किया, लेकिन फिर वे अपनी सफलता को कायम नहीं रख सके।


- उन्होंने अपने करियर का आखिरी टेस्ट मैच डेब्यू के ठीक सालभर बाद अक्टूबर 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला।


- अपने सालभर के टेस्ट करियर में उन्होंने 10 मैच खेले, जिसमें 23 के एवरेज से 437 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 2 फिफ्टी भी लगाई।


साल 2004 में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच से आकाश चोपड़ा ने डेब्यू किया था। उसी सीरीज के दूसरे मैच से युवराज ने भी टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था।


- कीवी टीम के खिलाफ दोनों मैचों में आकाश की परफॉर्मेंस अच्छी रही, सीरीज के दो मैचों में उन्होंने 185 रन बनाए थे। जिसके बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए भी टीम में ले लिया गया, हालांकि युवराज को मौका नहीं दिया गया।


- ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान आकाश बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए। यहां वे चार मैचों में 23.25 के एवरेज से 186 रन ही बना सके।


आकाश को तीसरा मौका मार्च-अप्रैल 2004 में पाकिस्तान टूर पर मिला। इस टूर के लिए सिलेक्टर्स ने आकाश के अलावा युवराज सिंह को भी टीम में शामिल किया था।


- पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के शुरुआती दोनों मैचों में आकाश को मौका दिया, लेकिन यहां उनका फ्लॉप शो जारी रहा और वे दो मैचों में 51 रन ही बना सके।


- वहीं इस सीरीज के पहले मैच में युवराज ने छठे नंबर पर बैटिंग करते हुए 59 रन बनाए। दूसरे मैच में 5th नंबर पर बैटिंग करते हुए सेन्चुरी लगाई और 112 रन बनाए। युवी ने ये सेन्चुरी तब लगाई जब टीम इंडिया के चार विकेट केवल 94 रन पर गिर चुके थे और उसकी हालत काफी खराब थी।


- रावलपिंडी में हुए तीसरे टेस्ट मैच में सौरव गांगुली की टीम में वापसी हो रही थी। टीम में पहले से सचिन, सहवाग, द्रविड़ और लक्ष्मण जैसे धुरंधर मौजूद थे। गांगुली की वापसी के बाद टीम में एक प्लेयर की जगह कम हो गई। जिसके बाद कप्तान ने फ्लॉप आकाश की बजाए शानदार खेल रहे युवराज को तीसरे टेस्ट में खिलाया।


- तीसरे टेस्ट मैच में भी युवराज ने शानदार बैटिंग करते हुए 47 रन बनाए। इस सीरीज के तीन मैचों की चार इनिंग में उन्होंने 230 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने टीम का भरोसा जीत लिया।


- पाकिस्तान से आने के बाद आकाश को ज्यादा मौके नहीं मिले। इसके बाद वे केवल दो टेस्ट मैच ही खेल सके। इन मैचों में भी वे केवल 15 रन ही बना सके।


- आकाश ने डेब्यू के सालभर बाद भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आखिरी मैच खेला। इसके बाद वे फिर कभी टीम इंडिया में जगह नहीं बना सके।