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प्रेमिका के घर तक सुरंग बनाते पकड़े गए थे रणबीर के परदादा, हुए थे सस्पेंड



28 सितंबर को रणबीर कपूर अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं। रणबीर भले ही अभी 35 साल के हैं लेकिन कपूर खानदान का इतिहास सौ साल से भी पुराना है। उनके परदादा पृथ्वीराज कपूर से लेकर पापा ऋषि कपूर तक कपूर खानदान का हर एक शख्स अपनी एक खास छवि के लिए फेमस रहा है। रणबीर के बर्थडे पर हम आपको बता रहे हैं ऋषि‍ कपूर ने ऑटोबायोग्राफी 'खुल्लम खुल्ला' में दर्ज 5 किस्से।


दीवान बाशेश्वरनाथ कपूर खानदान का नाम फैमिली ट्री में सबसे पहले आता है।

- पृथ्वीराज कपूर के पापा और रिश्ते में रणबीर के परदादा लगने वाले बाशेश्वरनाथ तहसीलदार थे। आस-पास के लोगों में वो दीवान साहब के नाम से फेमस थे।


- 36 साल की उम्र में उन्हें नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था।

- इसकी वजह काम में कोई गलती या लापरवाही नहीं थी बल्कि वजह प्यार थी।

- वो एक लड़की से बेहद प्यार करते थे, प्यार इतना था कि एक बार वह अपनी इस प्रेमिका के घर तक पहुंचने के लिए सुरंग बनाते हुए पकड़े गए थे।


- इसी के बाद उन्हें नौकरी से भी सस्पेंड कर दिया गया था।


बाशेश्वरनाथ का एक और ऐसा ही मजेदार वाकिया है।


- दरअसल एक बार एक ब्रिटिश अफसर से आमना-सामना हुआ था।

- ब्रिटिश अफसर ने उनके घोड़े की तारीफ करते हुए कहा, "तेरी घोड़ी अच्छी है।"

- ऐसे में उन्होंने बड़े की मजेदार लहजे में ऑफिसर कि रिप्लाई करते हुए जवाब में कहा था, "तेरी गोरी अच्छी है।"

- इस जवाब से उनका इशारा ब्रिटिश सुपीरियर के साथ आई गोरी मैम की तरफ था।


कपूर खानदान के नाम के साथ पहले नाथ जुड़ा था, जिसे बाशेश्वरनाथ ने बदलकर राज कर दिया था।
- इसी के बाद पृथ्वीनाथ कपूर, पृथ्वीराज कपूर बन गए।

- बताया जाता है कि राज कपूर का नाम जन्म के दौरान श्रृष्टि नाथ कपूर रखा गया था।

- बाद में इसे रणबीर राज कपूर किया गया और आखिर में वह सिर्फ राज कपूर के नाम से जाने गए।


 पृथ्वीराज कपूर की पत्नी और रणबीर कपूर की परदादी रामसरनी कपूर काफी - कई लोगों के लिए कपूर खानदान की नीली आंखें भी रहस्य का विषय हैं।को बताया जाता है।


- दरअसल रामसरनी बेहद खूबसूरत महिला थीं उन्हें पहली बार देखने पर लोग देखते ही रह जाते थे।


- कहा तो यहां तक जाता है कि राज कपूर ने जिस तरह फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जीवतंता और साहस से एक मुकाम बनाया, इसके पीछे रामसरनी कपूर यानी उनकी मां की काफी अहम भूमिका थी।