जब घर के बाहर एेसे खड़ी रहीं थीं अमिताभ की बहू-पोटी, BIG थे वजह
11 अक्टूबर को अमिताभ बच्चन का बर्थडे है। जिसकी वजह से उनके बेटे और बहू को घर के बाहर से ही लौटना पड़ा था। इलाहाबाद के क्लाइव रोड स्थित 'फूलों के बंगला' के बाहर 5 अगस्त की रंगत बदली-बदली सी थी। ससुर कृष्ण राज राय का अस्थि विसर्जन करने इलाहाबाद पहुंचे अभिषेक बच्चन को अपने ही घर के अंदर जाने को नहीं मिला था। वो घर के बाहर खड़े होकर फोन मिलाते रहे।
लेकिन केयर टेकर कृष्ण कुमार पांडेय ने दरवाजा खोलने से मना कर दिया। वो मायूस होकर वहां से मुंबई निकल गए। ऐश्वर्या और बेटी आराध्या भी घर के बाहर खड़ी रहीं थीं।
फूलों वाले बंगले के पास रहने वाले रवींद्र मिश्रा के मुताबिक, 1984 में चुनाव के दौरान जब अमिताभ अपनी कन्वेसिंग के लिए इलाहाबाद आए थे, तो उन्होंने इस मकान को अपना बताया था।
- इससे नाराज होकर बंगले के मालिक श्री शंकर तिवारी ने कहा था- बंगले का मालिक मैं हूं। बाबू जी और अमिताभ यहां 16 रुपए देकर किराए पर रहा करते थे। किराए पर रहने से मकान उनका नहीं हो जाएगा। तभी से तिवारी जी ने बच्चन परिवार के किसी भी मेंबर की इस बंगले में एंट्री बैन कर दी।
- हालांकि, श्री शंकर तिवारी अब जिंदा नहीं हैं। लेकिन उनका केयर टेकर कृष्ण कुमार पांडेय आज भी उनके इस नियम को फॉलो कर रहा है।
एेश्वर्या राय बच्चन शनिवार को पिता का अस्थि विसर्जन करने पहली बार अपने ससुराल पहुंची। साथ में अभिषेक, बेटी आराध्या, मां वृंदा राय और भाई थे।
- वे लोग 11:30 पर बमरौली एयरपोर्ट से सीधा संगम तट पहुंचे। बोट क्लब से स्टीमर में बैठकर ऐश्वर्या ने संगम में अस्थि विसर्जन किया। इसके बाद कटघर इलाके में स्थित अपने घर होते हुए करीब 1:30 बजे मुंबई के लिए रवाना हो गए थे।

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