बुलेट ही नहीं, हवाईजहाज से भी तेज चलती है ये ट्रेन
जापान के पीएम शिंजो आबे के साथ मिलकर पीएम नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में देश में पहली बार प्रोजेक्ट की नींव रख दी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी टेक्नॉलॉजी पर तेजी से काम किया जा रहा है।
जो कि बुलेट ट्रेन को भी मात दे सकेगी। और उससे कहीं ज्यादा किफायती भी होगी। कहा तो ये भी जा रहा है कि ये ट्रेन हवाई जहाज से भी तेज चलेगी। इस टेक्नोलॉजी का नाम है हाइपर लूप ट्रेन्स बुलेट ट्रेन की तरह इंडिया में हाइपर लूप ट्रेन्स का सपना भी साकार हो सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये हाइपर लूप ट्रेन होती क्या है ?
हाइपरलूप एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसमें बड़े-बड़े वैक्यूम पाइप्स के अंदर से तेज रफ्तार ट्रेन निकाली जाएगी। इस पाइप के अंदर ट्रेन लेवीटेशन टेक्नोलॉजी से आगे बढ़ेगी।
लेविटेशन टेक्नोलॉजी में ट्रेन को बड़े-बड़े इलेक्ट्रिक चुंबकों के ऊपर चलाया जाता है इसमें मेग्नेटिक पावर से ट्रेन ऊपर उठ जाती है और फिर ये बड़ी ही तेजी से ट्रैक के ऊपर उठकर चलती है।
अगर आम भाषा में कहें तो ये मेडिकल सीरिंज की तरह काम करेगी। इस हाइपरलूप टेक्नॉलॉजी की खोज टेस्ला मोटर्स के CEO एलन रीव मस्क ने की है। उनका दावा है कि ये ट्रेन ७५०, mph यानि करबी 1,२००, किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेगी। ये प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट से ज्यादा किफायती भी माना जा रहा है।
दावा है कि अगर बुलेट ट्रेन के लिए 1 किलोमीटर का रेल नेटवर्क बनाने में १००, मिलियन डॉलर यानी करीब 674 करोड़ रुपये की लागत आएगी, तो 1 किमी का हाइपरलूप नेटवर्क ४०, मिलियन डॉलर यानी करीब 269 करोड़ रुपये में ही तैयार हो जाएगा।
हालांकि इस प्रोजेक्ट पर अभी काम जारी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही लोग इन हाइपर लूप्स ट्रेन्स में सफर कर पाएंगे।


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