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CO के पैर पकड़ मां बोली- साब, बच्चा तो मर गया, लाश ही दिला दो


यूपी के गोरखपुर के बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 2 दिन में 26 बच्चों समेत 63 मरीजों की मौत हो गई। इसकी वजह पेमेंट रुकने की वजह से ऑक्सीजन देने वाली कंपनी का सप्लाई बंद करना बताया जा रहा है। इसी कड़ी में एक 9 दिन के बच्चे की भी मौत हुई।

जब उसके पिता ने डेडबॉडी मांगी तो कहा गया कि अभी अधिकारी आए हैं, इसलिए उनके जाने के बाद देंगे। वहीं, मृतक की मां ने सीओ के पैरों में गिरकर उसने कहा- साब बच्चा तो मर गया, अब उसकी बॉडी तो दिला दो। पहले बताया भी नहीं कि तुम्हारा बच्चा अब नहीं बचेगा
- मृतक 9 दिन के बच्चे के पिता नंदलाल का कहना है, ''ऑक्सीजन की कमी से 9 दिन के बाद मेरा बच्चा मर गया। डॉक्टरों ने 1 घंटा पहले यह भी नहीं बताया कि तुम्हारा बच्चा अब नहीं बचेगा।''

- ''अब उसकी डेडबॉडी भी नहीं दे रहे हैं। बोल रहे हैं कि अधिकारी सब आए हुए हैं, उनके जाने के बाद देंगे। 3 दिन बाबा गोरखनाथ से खून भी मंगवाया था।''

- वहीं, मां ने रोते हुए सीओ चौरी चौरा रचना मिश्रा के पैर पकड़कर कहा-'' साब बच्चा तो मर गया, अब उसकी बॉडी तो दिला दो।''

- इसके बाद करीब 4 घंटे बाद सीओ के हस्तेक्षप के बाद बच्चे की डेडबॉडी परिजनों को सौंपी गई।

- बता दें, गोरखपुर योगी आदित्यनाथ का संसदीय क्षेत्र है। बच्चों की मौत की पुष्टि गोरखपुर डीएम राजीव रौतेला ने की है।

- ये हॉस्पिटल 1969 में बनाया गया था। दूसरी ओर, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने की वजह से हादसा हुआ।

ऑक्सीजन कम होने पर करवाया गया पंप

-हाटा , कुशीनगर न‍िवासी रंभा ने बताया, ऑक्सीजन की कमी से पहले ही बच्ची की मौत हो गई थी, लेक‍िन डॉक्टर जान-बुझकर कर पंप करवा रहे थे, ताक‍ि पता न चले। बेटी की मौत गुरुवार रात में ही हो चुकी थी।

-वहीं, गोरखपुर के जाह‍िद ने बताया, ऑक्सीजन की कमी हुई तो डॉक्टरों ने पंप करवाना शुरू क‍िया, लेक‍िन उनकी बेटी खुशी नहीं बच पाई। लापरवाही से ये हादसा हुआ।