जब अमिताभ बच्चन का नाम रखा था 'इंकलाब', बाद में पिता ने बदला था ऐसे
भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे हो रहे हैं। ये ऐसा मूवमेंट था जिसमें हर हिंदुस्तानी भूमिका निभा रहा था। मूवमेंट से जुड़ा एक किस्सा बच्चन फैमिली से भी जुड़ा है।
हरिवंश राय बच्चन ने मूवमेंट से इंसपायर्ड होकर अमिताभ बच्चन का नाम इंकलाब रखा था, जिसे बाद में एक फ्रेंड के एडवाइस पर इसे बदल दिया था। नेक्सा न्यूज़ बता रहा है इस किस्से से जुड़ी दिलचस्प बातों के बारे में। पंत के ये कहने पर बदला था नाम
- 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के नेतृत्व में ये मूवमेंट शुरू हुआ। मूवमेंट के दो महीने बाद अमिताभ का जन्म 11 अक्टूबर को हुआ था।
- जन्म के बाद हरिवंश राय बच्चन के फ्रेंड अमरनाथ झा के कहने पर उन्होंने बच्चे का नाम 'इंकलाब राय' रख दिया।
- कहा जाता है कि जब हरिवंश राय और उनकी पत्नी तेजी बच्चन नर्सिंग होम में थे, तभी उनके फ्रेंड सुमित्रानंदन पंत वहां पहुंचे।
- उन्होंने 'इंकलाब' को देखा तो कहा कि ये कितना शांत दिख रहा है, मानो ध्यानस्थ अमिताभ। इसी के बाद बच्चन दंपत्ति ने 'इंकलाब' का नाम बदल कर अमिताभ रख दिया।
- कहा ये भी जाता है कि हरिवंशराय बच्चन ने अगर अपना उपनाम 'बच्चन' नहीं चुना होता, तो वे हरिवंश राय श्रीवास्तव कहलाते और उनके बेटे अमिताभ श्रीवास्तव।
- पिता अमिताभ को प्यार से अमित बुलाते थे। उनकी मां उन्हें मुन्ना कहती थीं। तेजी बच्चन की बहन गोविंद ने अजिताभ का नाम 'बंटी' रखा था।
क्या था भारत छोड़ो आंदोलन
- 8 और 9 अगस्त 1942 की रात को भारत छोड़ो आंदोलन महात्मा गांधी की अगुवाई में शुरू हुआ था।
- इसमें कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से लोग शामिल हुए। इसकी खास बात ये थी कि इसने यूथ्स में राष्ट्रवाद की भावना जगा दी थी।
- यूथ कॉलेज छोड़कर जेल की कैद स्वीकार कर रहे थे। मूवमेंट को दबाने के लिए गांधी को अरेस्ट कर लिया गया।
- जून 1944 में जब 'वर्ल्ड वॉर' समाप्ति की ओर था, तो महात्मा गांधी को जेल से रिहा कर दिया गया।


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