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एक साल का बच्‍चा जिसके जननांग है पुरुषों की तरह विकसित


आप किसी भी बच्‍चे को ले लीजिए, वो लड़की हो या लड़का, उसकी यौवन अवस्‍था का आरम्‍भ 11-12 साल के बीच ही होता है। लेकिन एक बच्‍चा ऐसा है भी जिसके जननांग का पूर्ण विकास मात्र एक वर्ष के भीतर ही हो गया। सुनकर हैरान हो गए ना।

जो भी इस बच्‍चे के बारे में पढ़ता या उसकी तस्‍वीर को देखता है, वो इसी के बारे में बात करता है। ये बच्‍चा एक लड़का है और ये वाकया भारत का ही है। जानिए इस बच्‍चे के बारे में -

यह बालक एक दुर्लभ विकार से पीडित हैबच्‍चे के शरीर में 6 महीने के होते ही अजीब से परिवर्तन होने लग गए थे। उसके शरीर में टेस्‍टोस्‍टेरॉन की मात्रा किसी वयस्‍क पुरूष की तरह ही पाई गई।

इस बच्‍चे के जननांग, इसकी उम्र के बच्‍चों की तरह नहीं बल्कि बड़े लोगों की तरह ही हैं। साथ ही इसका लिंग भी उतना ही बड़ा है।

बच्‍चे के शरीर में 6 महीने के होते ही अजीब से परिवर्तन होने लग गए थे। वह अपनी उम्र के बच्‍चों से 10-15 सेमी. लम्‍बा भी हो गया था।

लड़कों को दाड़ी आना, एक उम्र के बाद ही शुरू होता है लेकिन इस बच्‍चे के चेहरे पर 7वें महीने से ही बाल आने लगे थे और उसमें ये परिवर्तन साफ नज़र आते थे।

जब बच्‍चे के माता-पिता ने इस बच्‍चे के शरीर में ऐसे परिवर्तन देखें तो वह आश्‍चर्यचकित हो गए और परेशान भी। पहले तो उनहें लम्‍बाई बढ़ने पर इतना अजीब नहीं लगा लेकिन जब जननांगों पर बाल निकलने लगे तब उन्‍होंने जाकर डॉक्‍टर से सम्‍पर्क किया।

बच्‍चे का तुरंत निरीक्षण किया गया और उसके बाद उसकी सभी जांचों को किया गया। इस दौरान, उसके शरीर में टेस्‍टोस्‍टेरॉन की मात्रा किसी वयस्‍क पुरूष की तरह ही पाई गई।

आपको बता दें कि बच्‍चे में ये मात्रा मात्र 20 ng/dl होती है जबकि वयस्‍क में 500 ng/dl होती है।

इस जांच के बाद पता चल गया था कि बच्‍चे को क्‍या दिक्‍कत और कौन सा विकार है। यह विकार, 5000 में से किसी एक बच्‍चे को होता है और पिछले दस सालों के मेडिकल इतिहास में यह पहला मामला सामने आया है। इससे पहले भी कुछ बच्‍चों का केस सामने आया था।

फिलहाल इस बच्‍चे का उपचार हो रहा है और इसके शारीरिक व मानसिक विकास पर निगरानी रखी जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि इन दिनों बच्‍चा बहुत उग्र और क्रोधित होता जा रहा है।