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जेल में गंदा टॉयलेट यूज करते थे सलमान, वादा नहीं किया पूरा


हिरण शिकार प्रकरण में 19 वर्ष से जोधपुर कोर्ट के चक्कर लगा रहे सलमान खान के लिए यहां आना अब बड़ी बात नहीं रह गया है। वे जोधपुर जेल में तीन बार में 18 दिन रह चुके है। इन 18 दिन जेल के गंदे टॉयलेयट्स और गर्मी के कारण सलमान को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्वयं को हुई परेशानी के बाद जेल से रिहा होते समय सलमान ने वादा किया था कि वे जेल के सभी टॉयलेट्स का रिनोवेशन कराएंगे। साथ ही सभी बैरक में कूलर की व्यवस्था कराएंगे। लेकिन मुंबई जाते ही सलमान अपने इस वादे को भूल गए। कैदी नंबर 210 थे सलमान

- वर्ष 2006 में पांच साल की सजा सुनाए जाने के बाद सलमान छह दिन के लिए जोधपुर जेल में कैदी नंबर 210 बनकर रहे थे।

- उस समय सलमान कैदी नंबर 210 के रूप में जाने जाते थे। जेल में सलमान की बैरक में हत्या के आरोप में सजा काट रहा महेश सैनी रहा था।

- छह दिन में सलमान की महेश के साथ बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी और उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी कई बाते उसके साथ शेयर की थी।

- जेल में रहने के दौरान यहां के सीमित और बदबूदार टॉयलेट्स के कारण सलमान को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

- इसके अलावा जेल की गर्मी ने सलमान की जमकर परीक्षा ली। जेल की बैरक के सीमित पंखों में सलमान को एक-एक पल निकालना भारी पड़ गया था।

- इससे सलमान को अहसास हुआ कि जेल के अन्य बंदी कितनी दिक्कतों का सामना कर रहे है।

 रिहा होते समय उन्होंने वादा किया था कि वे जेल के सभी टॉयलेट्स को सुधारने और बैरक में कूलर लगाने के लिए राशि प्रदान करेंगे।

- जेल से निकलने के बाद माया नगरी मुंबई लौटने के बाद सलमान अपना वादा भूल गए।

जोधपुर जेल के टॉयलेट्स आज भी अपनी दशा सुधरने को सलमान की तरफ से सहायता मिलने का इंतजार ही कर रहे है।

इस जेल में रह चुके है 18 दिन

- बालीवुड का इस दबंग स्टार के लिए जोधपुर जेल कोई नई जगह नहीं है। सलमान इस जेल में पहले भी तीन बार रह चुके है।

- हालांकि अंतिम बार उन्हें यह जेल देखें दस साल हो चुके है। इसके बाद से सलमान में भले ही काफी बदलाव आ चुका है, लेकिन जेल में नहीं।

- जोधपुर जेल में सबसे पहले सलमान को वर्ष 1998 में बंद किया गया था। सलमान को सबसे पहले वन विभाग ने हिरण शिकार के आरोप में 12 अक्टूबर 1998 को गिरफ्तार किया था।

- दो दिन रिमांड पर रहने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया और सत्रह अक्टूबर तक जेल में रहे।

- इसके बाद घोड़ा फार्म हाउस शिकार मामले में उन्हें दस अप्रेल 2006 को पांच साल की सजा सुनाई गई। और तुरंत जेल भेज दिया गया।

- हाईकोर्ट से उन्हें छह दिन बाद जमानत मिल पाई। इसके अगले वर्ष सेशन कोर्ट ने एक बार फिर उनकी सजा की पुष्टि कर दी।

- इस पर उन्हें 26 अगस्त 2007 को एक बार फिर जोधपुर जेल भेज दिया गया। जमानत मिलने पर उन्हें 31 अगस्त को रिहा किया गया।