महज 9 साल की उम्र में इस बच्चे का दिमाग इतना तेज़ है कि सुपर-30 संचालक आनंद कुमार रह गये दंग
जिस उम्र में बच्चे अपनी ज़िद और शरारतों की वजह से सबको परेशान कर देते हैं, उसी उम्र में एक बच्चा ऐसा भी है, जिसको न ही महंगे वीडियो गेम्स चाहिए और न ही कोई खिलौना. 9 साल का ये बच्चा इस उम्र में मंगल ग्रह के बारे में इतना ज़्यादा जानता है, जितना हम और आप नहीं जानते. इस उम्र में उसके ज्ञान का स्तर इतना ऊंचा है कि बड़े बड़ों को उससे जलन होने लगती है. इस होनहार बच्चे का नाम है कौटिल्य.
अभी हाल ही की बात है, जब उसके पिता और दादाजी उसे महान गणितज्ञ आनंद कुमार के पास ले गये थे. आनंद कुमार वही गणितज्ञ हैं, जो गरीब बच्चों को आईआईटी की तैयारी करवाने के लिए सुपर-30 नाम की कोचिंग चलाते हैं. इस मुलाकात में आनंद कुमार को हैरान कर दिया, क्योंकि उनसे उम्र में बहुत कम ये लड़का बिलकुल ऐसे बात कर रहा था, जैसे दोनों ने एक ही साथ पढ़ाई की हो. कौटिल्य ने सुपर 30 के विद्यार्थियों से भी बात की.
जो मुकाम आनंद ने हासिल किया है, वैसा करने की काबिलियत सबके पास नहीं होती. हम कौटिल्य को आनंद कुमार के पास इसलिए ले गये थे ताकि आनंद जी बच्चे की काबिलियत को देखते हुए उसको भविष्य के लिए बेहतर मार्गदर्शन दें. - जेके. शर्मा, कौटिल्य के दादाजी
भविष्य में कौटिल्य एक खगोलीय वैज्ञानिक बनना चाहता है. चंडीगढ़ के पास स्थित पंचकुला गांव का रहने वाला ये बच्चा भवन विद्यालय में पांचवीं कक्षा का छात्र है. इस उम्र में उसके पास मंगल ग्रह पर चल रही रिसर्च के सारे अपडेट्स हैं. इस बच्चे में अभी से आकंड़ों को सहेजने और भौगालिक लोकेशन की पहचान करने का हुनर है. जब शुरू-शुरू में हर बात को लेकर वो प्रश्न करता था, तो उसकी जिज्ञासा से परेशान होकर घरवालों ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिकों से बात की. उन्होंने इसे कुदरती देन बताया और सबको समझाया कि इस पर विशेष ध्यान दें, इसका टैलेंट बेकार नहीं जाना चाहिए.
अपने ज्ञान और विलक्षण प्रतिभा के कारण कौटिल्य ने 'कौन बनेगा करोड़पति' के सेट पर भी सबको चकित कर दिया था. बाद में अमिताभ बच्चन ने ट्वीट करके इस 'वंडर किड' के टैलेंट की प्रशंसा की. - सतीश कुमार, कौटिल्य के पिता
इस बच्चे में अपनी उम्र के अन्य बच्चों से कहीं ज़्यादा समझ, ज्ञान और पोटेंशियल है. इसको बिलकुल जो ठीक लगे, वही करने देना चाहिए. मैं इस बच्चे से बहुत ज़्यादा प्रभावित हूं और इसके लिए मुझसे जो कुछ हो पाएगा, मैं उसके लिए तैयार हूं. - आनंद कुमार
सही कहा गया है कि विद्वानों के पांव पालने में ही दिख जाते हैं. हम कौटिल्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं.

Post a Comment