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मिड डे मील में मिला मरा सांप, 261 बच्चों ने खा ली थी खिचड़ी, 6 को हुई उल्टी


जंदाहा ब्लॉक के डीह बुचौली पंचायत के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय दुलौर को भेजे गए मध्यान भोजन में सांप मिलने से अफरातफरी मच गई। सभी बच्चों के खाना खा लेने के बाद आठवीं कक्षा के छात्र की थाली में परोसी गई खिचरी में मरा और पका हुआ सांप मिला है। खाना में सांप मिलने की खबर मिलते ही सैकडों की संख्या में अभिभावक व ग्रामीण स्कूल पर पहुंच गए। अभिभावकों ने बवाल खड़ा कर दिया।

सूचना पर जांच के लिए पहुंचे बीईओ को ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए बंधक बनाए रखा। मौके पर पहुंची जंदाहा पुलिस ने स्थिति नियंत्रित किया। डीएम के आदेश पर डीईओ व मिड डे मिल डीपीओ ने जांच की है।


स्कूल हेडमास्टर रामानंद राम ने बताया है कि हर दिन की तरह एकता शक्ति फाउंडेशन एनजीओ के किचन से बच्चों के लिए खिचड़ी, चोखा आया था। स्कूल में वर्ग एक से आठ तक कुल 451, छात्र छात्राएं नामांकित है। बुधवार को 261, बच्चों की उपस्थिति बनी। उपस्थिति के अनुसार भोजन का केन उतारा गया। विद्यालय में कार्यरत महिला रसोईया गुंजा देवी, मनिया देवी एवं मंजू देवी ने बच्चों की थाली में खाना परोसा। लगभग सभी बच्चे खाना खा लिए थे। वर्ग आठ के बच्चों को खाना परोसा जा रहा था। इसी दौरान वर्ग आठ के ही छात्र रवि रोशन की थाली में डाले गए खिचड़ी में मरा और गला हुआ सांप का बच्चा पाया गया। सांप देखकर बच्चों में अफरातफरी मच गई। मरा हुआ सांप देखकर 6, बच्चों को उल्टी होने लगी।

सांप मरा खिचड़ी खा लेने का ख्याल कर दर्जनों बच्चों को उबकाई की स्थिति उत्पन्न हुई। वहम व मन बिगड़ जाने से छह बच्चों ने कुछ ज्यादा ही उल्टी कर दी। अभिभावक उनकी हालत देखकर इलाज के लिए निजी क्लिनिक और पीएचसी में ले गए। चिकित्सकों ने मन का वहम तथा खतरे से बाहर बताया। बच्चों को ठीक हालत में देखकर अभिभावकों के जान-जान में आई।


ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी और बरसात के दिनों में अकसर किसी न किसी विद्यालय में मिड डे मिल में कीड़ा पाए जाने की शिकायत मिलती है। तीन साल पहले इस विद्यालय में मिड डे मिल में मरा हुआ कीड़ा निकलने पर बवाल हुआ था।


पीएचसी के डॉक्टर ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि खिचड़ी में गले हालत में सांप पाया गया है। यदि भोजन तैयार करने अथवा भोजन बन जाने के बाद बर्तन या पतीले में सांप का बच्चा गिर गया होगा तभी भाप से वह पक गया। बच्चा होने के कारण सांप विषहीन रहा होगा। विषधर सांप भी हो तो भोजन बनाने में जिस टेंपरेचर की जरूरत होती है उसमें विष का प्रभाव खत्म हो जाता है। इसलिए बच्चों को कुछ नहीं हुआ।


बाल अधिकारों के लिए काम कर रहे सोशल वर्कर संजय कुमार, युवा समाजसेवी तुषार आनंद ने कहा कि मिड डे मिल की आपूर्ति करने वाली संस्था मानक के अनुरूप और सुरक्षित नहीं हैं। संस्था ने प्रखंड स्तर पर किचन खोल दिया है। वहां अनाज के रखरखाव की व्यवस्था ठीक नहीं है। खाना भी असुरक्षित माहौल में बनता है। रात से खाना बनना शुरू हो जाता है। तैयार भोजन को ठंडा करने के लिए बड़े-बड़े ट्रे को खुले में रखा जाता है। इस दौरान मेढक, छिपकली, कीड़े-मकोरे ट्रे में कूद जाते हैं। वही खाना कंटेनर में पैक कर दिया जाता है। इसलिए अकसर भोजन में कीड़े-मकोड़े पाए जाने की घटना सामने आ रही है।