भाई के साथ जा गई थी राखी खरीदने, कुछ देर बाद सड़क पर ऐसे टूटे पड़े थे कंगन
भाई के साथ शॉपिंग के लिए जा रही नवविवाहिता को बोर करने वाले ट्रक ने रौंद दिया।
बुधवार दोपहर 12 बजे पीरबाबा चौक के पास स्कूटी पर भाई के साथ शॉपिंग के लिए जा रही नवविवाहिता को बोर करने वाले ट्रक ने रौंद दिया। स्कूटी पर भाई बहन के साथ एक 5 साल की छोटी बच्ची भी थी। ट्रक का पिछला टायर महिला की कमर पर चढ़ गया, भाई की टांग और सिर पर चोट आई है, जबकि बच्ची को खरोच तक नहीं लगी। 26 वर्षीय सोनिया बजरी कंपनी की रहने वाली है। ये था मामला...
- 3 महीने पहले ही उसकी शादी गुरदासपुर पुलिस लाइन निवासी रवि के साथ हुई थी।
- सावन में मायके आई थी और भाई साजन के साथ बाजार से सामान खरीदने के निकली थी कि पीर बाबा चौक के पास हादसा हो गया।
- घटना के दौरान आसपास के दुकानदार मदद के लिए चिल्लाते रहे पर 20 मीटर दूर खड़े ट्रैफिक मुलाजिम वहां नहीं आए।
- दुकानदारों ने 108 एंबुलेंस पर फोन किया पर वो भी 15 मिनट नहीं पहुंची।
- इस पर दुकानदारों ने खुद सवारियों से भरे एक ऑटो को खाली कराया और महिला उसके भाई को सिविल अस्पताल पहुंचाया।
- महिला को गंभीर हालत में रेफर किया गया है।
ट्राले को कब्जे में लेकर चालक पर मामला दर्ज
- उधर,मौके पर पहुंची मामून पुलिस के एएसआई शाम लाल ने बताया कि पुलिस ने घायल बेटी के बयान पर ट्राले चालक रणजीत सिंह निवासी फतेहगढ़ चूडिय़ा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
- पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार वालों को सौंप दिया है।
हरियाल अड्डा पर हादसा, हिमाचल से पठानकोट आ रही थी मां-बेटी
- हादसे के समय मौके पर मौजूद पार्षद रोहित पुरी का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद उन्होंने नाके पर मौजूद पुलिस कर्मियों को आवाज लगाई।
- लोग चिल्लाते रहे पर कोई पुलिस कर्मचारी नाका छोड़ कर वहां नहीं आया। ट्राले पर 7 लोग सवार थे पर हादसे के बाद सभी एक-एक कर भाग गए।
- पुलिस कर्मियों को कहा गया कि कोई ऑटो रुकवा कर उसमें घायलों को अस्पताल भिजवा दो पर उन्होंने गौर नहीं किया।
- आसपास खड़े लोगों ने घायलों को ऑटो में सिविल अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने ही जख्मी को सिविल अस्पताल पहुंचाया: गुरप्रीत
- प्रत्यक्षदर्शी रोहित पुरी ने कहा कि पुलिस में दया भावना नहीं है। एक घंटे तक थाने से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
- अगर लोग मदद करते तो महिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देती।
- दूसरी तरफ इन्क्वायरी अफसर गुरप्रीत सिंह ने दावा किया कि लोगों ने इन्फॉरमेशन दी तभी कर्मचारी भेजे थे, हमारे नाके पर मौजूद कर्मचारियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया है।


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