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एक हादसे में गवां दिए दोनों हाथ-पैर, चलाते हैं कार, करते हैं मोबाइल पर बात


यूपी के झांसी के रहने वाले एक शख्स का दोनों हाथ और दोनों पैर नहीं है। इसके बाद भी वह कई ऐसे काम करते हैं, जो उनके लिए असंभव लगते हैं। वह कार चलाते हैं, मोबाइल पर बात करते हैं। ये इलाके में सुपरमैन के नाम से फेमस हैं।

एक गलती की वजह से इन्हें गवाना पड़ा था हाथ-पैर

- झांसी जिले से करीब 100 किलोमीटर दूर गरौठा के रहने वाले जीतू सोनी विद्युत विभाग में लाइन मैन का काम करते थे।
- वह कहते हैं, 3 दिसंबर, 2007 को एक हादसा हुआ। मैं गरौठा के ही एक ट्यूब वेल पर बिजली सही करने गया था। काम चल ही रहा था कि किसी ने शट डाउन वापस लेते हुए लाइन चालू कर दी, जिससे मैं करंट की चपेट में आ गया।
- लोगों ने मुझे झांसी के एक अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ दिन इलाज के बाद डॉक्टर्स ने मेरी जान तो बचा ली, लेकिन इन्फेक्शन फैलने के कारण मेरे दोनों हाथ-पैर काटने पड़े।
- रिकवर होने में मुझे कई महीने लग गए। कई महीने ऐसे ही रहा, इसके बाद जयपुर से आर्ट‍िफीश‍ियल हाथ-पैर मंगवा लिए। लेकिन ये मेरे लिए असली से बढ़कर हैं। मेरे पास खुद की कार है। लोकल में छोटे-मोटे काम खुद ही कार चलाकर निपटा लेता हूं।
- कार चलाने के दौरान पैर लगा लेता हूं, लेकिन हाथ नहीं लगाता, इसके बिना ही कार चलाता हूं। लंबी दूरी के लिए ड्राइवर रखता हूं।
- विद्युत विभाग में ठेके आदि का काम मुझे मिल जाता है, जिससे परिवार का खर्च निकल जाता है। परिवार में पत्नी और 2 बच्चे हैं। मेरे साथ जब हादसा हुआ था तो पत्नी और परिवार सदमे में चला गया था, फिर भी उन्होंने मेरा बखूबी साथ निभाया।
- जीतू के दोस्त पुष्पेन्द्र बताते हैं, जीतू ने हिम्मत की मिसाल पेश की है। इसलिए इलाके में उसे सुपर मैन की तरह माना जाता है।