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अंडरग्राउंड तहखाने में बंद हो गया था ये शख्स, महीनेभर बाद ऐसे बच सका


डेवन काउंटी, इंग्लैंड के प्लेमाउथ एरिया में एक शख्स महीनेभर तक एक अंडरग्राउंड तहखाने में फंसा रहा। इस दौरान उसके पास न खाना था न पानी। उसके पैर में चोट लगी थी, जिसमें सड़न बढ़ रही थी। आखिरकार वहां से गुजर रहे एक राहगीर की 'शरारत' के कारण उसका पता चला और उसे बचा लिया गया। डॉक्टर्स का कहना है कि वह एक-दो दिन भी और वहां रहता, तो शायद जिंदा नहीं बच पाता।

-51 साल का जेम्स थॉम्प्सन बेरोजगार और बेघर था। मार्च महीने में एक दिन आसरा पाने के लिए वह पेड़ों के झुरमुट के बीच बने ईंटों के अंडरग्राउंड तहखाने में घुस गया।
-इस दौरान उसे टखने में चोट लग गई। भीतर पहुंचने के बाद उसे पता चला कि वह एक गड्ढे जैसी जगह है। उसने ऊपर चढ़कर वापस बाहर आने की कोशिश की, लेकिन टखने की चोट के कारण ऐसा नहीं कर पाया।
-जेम्स उस दौरान मानसिक बीमारियों से भी जूझ रहा था। उसके पास खाना था न पानी। उस अंधेरे तहखाने में फंसे रहने के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं था।
-जेम्स को शुरू में वहां पानी की एक धारा मिली। उसने कुछ दिन तो उससे पानी पिया, फिर वह पानी गायब हो गया।
-भूख और प्यास से उसकी हालत खराब हो गई। उसके टखने की चोट में गैंगरीन हो गया। साथ ही वह शीतदंश का शिकार भी हो गया, जिसमें अत्यधिक ठंड के कारण उंगलियों में घाव हो जाते हैं और वो गलने लगती हैं।
-जेम्स ने बचने की आशा छोड़ दी थी। वह नीम बेहोशी में पहुंच गया। कभी उसकी चेतना आती, कभी चली जाती और उसे कुछ होश न रहता।
ऐसे पता चला।
-ऐ दिन इजाक एग्लिंग्टन-वॉट्स नामक एक किशोर उधर से गुजर रहा था। तहखाना देखकर उसे एक शरारत सूझी। उसने उसके बाहर पहुंचकर जोर से आवाज लगाई। वह अपनी आवाज की प्रतिध्वनि सुनकर मजा लेना चाहता था।
-इजाक को अपनी आवाज की गूंज तो सुनाई दी, साथ ही उसने एक हल्की सी कराह भी सुनी। यह जेम्स के मुंह से निकली थी। इजाक को बहुत आश्चर्य हुआ।
-उसने समझदारी दिखाई और पुलिस को बुलाया। इस तरह जेम्स को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने उसे तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
-उसकी हालत बहुत खराब थी। कहा जा रहा है कि यदि वह एकाध दिन और वहीं रह जाता, तो शायद उसकी मौत हो जाती।
-लंबे समय तक हॉस्पिटल में इलाज चलने के बाद अब उसे केयर सेंटर में डाला गया है। वहां से उसने हाल ही में अपनी पूरी कहानी सुनाई।