ट्विंस से जुड़े 7 फैक्ट्स, जुड़वां बच्चों के हो सकते हैं 2 पिता और 2 मां
ट्विंस कहते ही बिल्कुल एक जैसे दिखने वाले दो भाइयों या दो बहनों की तस्वीर उभरती है। पर जुड़वां सिर्फ एक जैसे दिखने वाले ही नहीं होते। वे कई तरह के हो सकते हैं। यहां तक कि उनके रंग-रूप और कद-काठी में भी काफी अंतर भी हो सकता है। इन सबके पीछे साइंटिफिक कारण भी हैं। हम आपको बता रहे हैं अलग-अलग तरह के ट्विंस के बारे में। इनमें से कुछ के बारे में शायद आप सोच भी नहीं सकते कि जुड़वां ऐसे भी हो सकते हैं। सबसे पहले बाइरेशियल ट्विंस...
दो अलग प्रजातियों के भी हो सकते हैं जुड़वां बच्चे
-यदि मां-बाप अलग-अलग प्रजातियों के हों, यानी कोई एक ब्लैक और दूसरा व्हाइट हो, तो जुड़वां बच्चे अलग-अलग प्रजातियों के हो सकते हैं। उनमें से एक को पिता का रंग-रूप मिलता है और दूसरे को मां का।
-दूसरा तरीका यह है कि किसी मामले में महिला दो एग ड्रॉप करे और उनमें से एक किसी अन्य प्रजाति के पुरुष से फर्टिलाइज हो आैर दूसरा किसी अन्य प्रजाति के, तो एक साथ पैदा होने वाले बच्चे दो भिन्न प्रजातियों के हो सकते हैं। यानी ऐसे मामले में जुड़वां बच्चों के पिता अलग-अलग होते हैं। इसे हेटरोपैटरनल सुपरफीकंडेशन कहते हैं।
-तीसरा तरीका यह मां-बाप दोनों मिक्स प्रजातियों के हों, यानी हाफ व्हाइट और हाफ ब्लैक या हाफ व्हाइट और हाफ एशियन। इसमें जुड़वां में से किसी एक बच्चे को पूरे व्हाइट जीन मिल सकते हैं और दूसरे बच्चे को पूरे ब्लैक (या एशियन)।
दो बार गर्भधारण से एक साथ जन्मे बच्चे
-एक बार गर्भ ठहर जाने के बाद महिला का शरीर एग ड्राॅप नहीं करता। यानी प्रेग्नेंसी के दौरान फिर से गर्भधारण करने की संभावना नहीं रहती।
-लेकिन कुछ रेयर मामलों में ऐसा हो भी सकता है कि शरीर गर्भधारण के बाद जल्द ही दूसरा एग भी ड्रॉप करे और वह भी फर्टिलाइज हो जाए।
-ह्यूमन हिस्ट्री में अब तक ऐसे 10 मामले ही सामने आए हैं, जिनमें इस तरह के जुड़वां का जन्म हुआ है। इसे सुपरफीटेशन कहते हैं।
-चूंकि ये दोनों गर्भधारण हफ्ते-10 दिन के अंतर में होते हैं, इसलिए उनके गर्भकाल (280 दिन) में भी अंतर होता है। लेकिन जब महिला को लेबर पेन शुरू होता है, तो गर्भ में बाद में आया बच्चा भी पहले बच्चे के साथ ही बाहर आ जाता है।
-एक्सपर्ट्स का कहना है कि दोनों बच्चे एक साथ जन्म लेते हैं और उनके चेहरे अलग होते हैं, तो पैरेंट्स ये मान लेते हैं कि वे आइडेंटिकल ट्विंस नहीं हैं। लेकिन वे यह अनुमान नहीं लगा पाते कि ये सुपरफीटेशन का मामला भी हो सकता है।
दो मांओं के गर्भ में भी पल सकते हैं जुड़वां बच्चे
-ऐसा संयोग से हुआ था और बाहरी मदद के साथ। यानी प्राकृतिक रूप से जुड़वां बच्चों का दो मांओं के गर्भ में पलना संभव नहीं है।
-एक बच्चा होने के बाद दूसरे बच्चे की कोशिश में 12 साल तक नाकाम रही बर्नाबास नामक महिला ने 2007 में आईवीएफ और सरोगेसी दोनों कराने का निर्णय लिया।
-इसके तहत लैबोरेटरी में उनके एग्स को उनके हसबैंड के स्पर्म्स से फर्टिलाइज करने के बाद एक भ्रूण उनके गर्भ में प्रत्यारोपित किया गया और दूसरा भ्रूण सरोगेट मदर के गर्भ में।
-यह सोचा गया था कि दोनों में सक कम से कम एक भ्रूण तो विकसित होगा ही, लेकिन संयोग से दोनों ही भ्रूण विकसित हुए। इस तरह दोनों महिलाओं ने जुड़वां बच्चों में से एक-एक को जन्म दिया।
मिरर इमेज ट्विंस
-मिरर इमेज समान होते हुए भी विपरीत होती है। यदि आप राइट हैंडेड हैं, तो आपकी मिरर इमेज लेफ्ट हैंडेड नजर आती है। मिरर इमेज ट्विंस में भी ऐसा ही होता है।
-ये आइडेंटिकल, यानी हूबहू एक जैसे होने के बावजूद फीचर्स में विपरीत होते हैं।
-जैसे एक लेफ्ट हैंडर, तो दूसरा राइट हैंडर हो सकता है। एक बालों में कंघी दाहिनी तरफ से करेगा, तो दूसरा बाईं तरफ से।
-ऐसा तब होता है, जब एग फर्टिलाइज होने के बाद 7 से 12 दिन के भीतर दो भांगों में बंट जाता है।
-एग 7-12 दिन से पहले दो भागों में बंटता है, तो बच्चे आइडेंटिकल होते हैं। वह इस अवधि के बाद बंटता है, तो बच्चों के जुड़े हुए पैदा होने के चांस होते हैं।
पैरासाइट ट्विंस
-पैरासाइट ट्विंस तब पैदा होते हैं, जब एग अच्छी तरह से बंट नहीं पाता। इसमें एग का एक हिस्सा पूरी तरह से विकसित नहीं होता और दूसरे एग से विकसित होने वाले बच्चे के साथ जुड़ा रहता है।
-इसलिए कई बच्चों के शरीर में एक्स्ट्रा हाथ, पैर या बेजान सिर भी जुड़ा होता है।
सेमी आइडेंटिकल ट्विंस
-आइडेंटिकल, यानी बिल्कुल एक जैसे ट्विंस तब पैदा होते हैं, जब स्पर्म एक को निषेचित (पेनीट्रेट) करता है और फिर एक जल्दी ही दो भागों में बंट जाता है।
-कुदरत की यह व्यवस्था कि महिला के एक में एक स्पर्म के प्रवेश के बाद दूसरा स्पर्म प्रवेश नहीं कर सकता। लेकिन बहुत रेयर मामलों में उसमें दो स्पर्म एक साथ एक ही समय पर प्रवेश कर जाते हैं। और फिर एग दो भागों में टूटता है।
-इसमें एग एक ही होता है। लेकिन एक ही पिता के दो स्पर्म के आनुवंशिक गुणों में अंतर हो सकता है, इसलिए इस प्रकार से पैदा हुए जुड़वां बच्चे दिखने में एक जैसे होते हुए भी कई फीचर्स में अलग होते हैं।
एक जैसे दिखने वाले जुड़वां भाई-बहन
-आपने हूबहू भाई-भाई या हूबहू बहनें देखी होंगी। लेकिन बिल्कुल एक जैसे दिखने वाले जुड़वां भाई-बहन शायद न देखे हों।
-आमतौर पर एक निषेचित एग दो हिस्सों में बंटता है, तो हूबहू एक जैसे भाई या बहनें पैदा होती हैं। लेकिन मोजैक टर्नर सिंड्रोम के चलते आइडेंटिकल जुड़वां भाई-बहन भी पैदा हो सकता है।


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