ऑस्ट्रेलियन सुपरसीरीज जीतने वाले श्रीकांत, देखें पर्सनल लाइफ
इंडियन बैडमिंटन स्टार किदांबी श्रीकांत ने रविवार को ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपरसीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट में सिंगल्स का खिताब जीत लिया। एक हफ्ते के अंदर ये उनका दूसरा इंटरनेशनल खिताब है, वहीं उनके करियर का चौथा सुपरसीरीज टाइटल भी है। 24 साल के हो चुके श्रीकांत कुछ साल पहले तक आम लड़कों की तरह ही थे। टीनेज के दौरान वे अपने करियर को लेकर जरा भी फोकस्ड नहीं थे। जिसके कारण उनके पिता काफी परेशान रहते थे। पिता के कहने पर सीखा बैडमिंटन...
श्रीकांत का जन्म 7 फरवरी 1993 को गुंटूर (आंध्रप्रदेश) में हुआ। उनके पिता किट्टू किदांबी किसान और माता राधा हाउसवाइफ रही हैं। वहीं उनके बड़े भाई भी बैडमिंटन प्लेयर रहे हैं। साल 2008 में उनका परिवार हैदराबाद शिफ्ट हो गया।
- टीनेज के दौरान श्रीकांत भी अपनी करिअर को लेकर सीरियस नहीं थे। उन्हें नहीं पता था कि भविष्य में क्या करना है? इसी बात को लेकर उनके पिता काफी परेशान रहते थे।
- श्रीकांत को फोकस्ड ना देख उनके पिता ने बड़े बेटे की तरह ही उन्हें भी बैडमिंटन सीखने के लिए भेज दिया। इसके बाद श्रीकांत ने गोपीचंद अकादमी ज्वाइन कर ली।
- शुरुआत में वे डबल्स और मिक्स्ड डबल्स की ट्रेनिंग लेते थे। तीन साल बाद सिंगल्स पर फोकस करना शुरू कर दिया।
2011 में मिली पहली सफलता
- श्रीकांत ने 2011 में कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में सिल्वर जीतकर पहला इंटरनेशनल मेडल हासिल किया। 2012 में श्रीकांत की वर्ल्ड रैंकिंग 240 थी। एक साल में ही वे दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी बन गए। उनकी बेस्ट रैंकिंग जून 2015 (तीसरी पोजिशन) में थी।
- श्रीकांत ने 2014 में चाइना ओपन सुपर सीरीज के फाइनल में ओलिंपिक चैम्पियन और अपने आइडल चीन के लिन डैन को हराया था। तब उन्होंने कहा था- 'मैं डैन का खेल देखते हुए बड़ा हुआ हूं। उन्हें हराकर पहली सुपर सीरीज जीतना अविश्वसनीय है। मुझे नहीं लगता कि मैंने इससे बड़ी जीत कभी हासिल की होगी।' वे सुपर सीरीज जीतने वाले भारत के पहले पुरुष खिलाड़ी बने थे।
- इस साल हुई सिंगापुर सुपर सीरीज (2017) के फाइनल में उनका मुकाबला हमवतन बी. साई प्रणीत से हुआ। ये पहला मौका था, जब बैडमिंटन के किसी रैंकिंग टूर्नामेंट में फाइनलिस्ट दोनों भारतीय थे। इस मुकाबले में वे साई प्रणीत से हार गए थे।


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