जान देने के लिए ट्रैक पर लेटी लड़की, ट्रेन रोकी तो खड़ी होकर ड्राइवर से कहा ये
एमपी में बिरलानगर रेलवे स्टेशन के पास भिंड से ग्वालियर के लिए पैसेंजर ट्रेन चली आ रही थी। ड्राइवर की निगाह अचानक ट्रैक पर पड़ी, देखा एक युवती वहां लेटी है। उसने बार-बार हार्न दिया लेकिन वह नहीं उठी। वह उसकी मंशा समझ गया।ड्राइवर ने उठाया ये कदम...
ड्राइवर ने ट्रेन को ब्रेक लगा दिए। बिरला नगर स्टेशन के पास सूचना मिलने पर गार्ड मौके पर पहुंचा और युवती को समझा-बुझाकर बैठाकर ग्वालियर ले आया। ट्रेन के ग्वालियर आने के बाद युवती को उसके परिजनों को सौंप दिया।
रेलवे कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय युवती शुक्रवार सुबह बिरला नगर स्टेशन पहुंच गई। पहले वह पटरी पर इधर-उधर टहलती रही। उसे ट्रैक के पास टहलता देख बिरला नगर स्टेशन के स्टाफ ने टोका तो वह भिंड लाइन की तरफ पहुंच गई। शुक्रवार सुबह करीब 7.45 बजे भिंड की ओर से इटावा-झांसी पैसेंजर आ रही थी। सामने से ट्रेन को आता देख वह पटरी पर लेट गई। युवती को पटरी पर लेटते हुए ट्रेन के ड्राइवर धर्मेंद्र झा ने देख लिया। झा ने हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। हॉर्न पर हार्न बजाए पर वह पटरी से नहीं उठी। जब वह नहीं उठी तो उन्होंने ब्रेक लगा दिए। गनीमत यह रही कि जिस वक्त युवती पटरी पर लेटी उस समय ट्रेन की स्पीड काफी कम थी। इसके चलते ट्रेन सही वक्त पर रुक गई। ट्रेन के रुकते ही वह पटरी से उठकर खड़ी हो गई।
गार्ड के समझाने पर मानी
ट्रेन के गार्ड रोमेश चौबे ने जब ट्रेन रुकने का कारण पूछा तो श्री झा ने बताया कि पटरी पर एक युवती लेटी हुई है। इस पर गार्ड चौबे ब्रेक से उतरे और मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवती से पटरी पर लेटने का कारण पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। बार-बार पूछने पर उसने खुद को एक रेलवे कर्मचारी की बेटी बताया। चौबे ने युवती को ट्रेन से ग्वालियर चलने को कहा तो उसने ऑटो से जाने की बात कही। वह दोबारा किसी ट्रेन के आगे न कूद जाए, यह सोचकर चौबे ने एक बार फिर युवती को समझाया और उसे साथ में लेकर ब्रेक में आ गए। यहां से उसके पिता को फोन कर मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही युवती के पिता अपनी दूसरी बेटी को लेकर स्टेशन पहुंचे और उसे लेकर चले गए।
ड्राइवर ने ट्रेन को ब्रेक लगा दिए। बिरला नगर स्टेशन के पास सूचना मिलने पर गार्ड मौके पर पहुंचा और युवती को समझा-बुझाकर बैठाकर ग्वालियर ले आया। ट्रेन के ग्वालियर आने के बाद युवती को उसके परिजनों को सौंप दिया।
रेलवे कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय युवती शुक्रवार सुबह बिरला नगर स्टेशन पहुंच गई। पहले वह पटरी पर इधर-उधर टहलती रही। उसे ट्रैक के पास टहलता देख बिरला नगर स्टेशन के स्टाफ ने टोका तो वह भिंड लाइन की तरफ पहुंच गई। शुक्रवार सुबह करीब 7.45 बजे भिंड की ओर से इटावा-झांसी पैसेंजर आ रही थी। सामने से ट्रेन को आता देख वह पटरी पर लेट गई। युवती को पटरी पर लेटते हुए ट्रेन के ड्राइवर धर्मेंद्र झा ने देख लिया। झा ने हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। हॉर्न पर हार्न बजाए पर वह पटरी से नहीं उठी। जब वह नहीं उठी तो उन्होंने ब्रेक लगा दिए। गनीमत यह रही कि जिस वक्त युवती पटरी पर लेटी उस समय ट्रेन की स्पीड काफी कम थी। इसके चलते ट्रेन सही वक्त पर रुक गई। ट्रेन के रुकते ही वह पटरी से उठकर खड़ी हो गई।
गार्ड के समझाने पर मानी
ट्रेन के गार्ड रोमेश चौबे ने जब ट्रेन रुकने का कारण पूछा तो श्री झा ने बताया कि पटरी पर एक युवती लेटी हुई है। इस पर गार्ड चौबे ब्रेक से उतरे और मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवती से पटरी पर लेटने का कारण पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। बार-बार पूछने पर उसने खुद को एक रेलवे कर्मचारी की बेटी बताया। चौबे ने युवती को ट्रेन से ग्वालियर चलने को कहा तो उसने ऑटो से जाने की बात कही। वह दोबारा किसी ट्रेन के आगे न कूद जाए, यह सोचकर चौबे ने एक बार फिर युवती को समझाया और उसे साथ में लेकर ब्रेक में आ गए। यहां से उसके पिता को फोन कर मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही युवती के पिता अपनी दूसरी बेटी को लेकर स्टेशन पहुंचे और उसे लेकर चले गए।



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