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ट्रेन पर लिखे इन नंबरों के छिपे राज का मतलब जानकर हैरान रह जायेंगे आप

ट्रेन पर लिखे इन नंबरों के छिपे राज का मतलब जानकर हैरान रह जायेंगे आप


जब हमें कहीं दूर यात्रा के लिए जाना होता है तो सबसे बेस्ट आइडा और सबसे सस्ता साधन एक रेल का ही होता है। हम रेल में सफर करके मीलों दूरी भी तय कर लेते हैं। वैसे तो आज कल हर कोई व्यक्ति रेल में सफर करने में खुश रहता है। रेल में सफर के दौरान कब रस्ता बीत जाता है कुछ पता ही नहीं चल पता है।



कई लोग रोज ट्रेन में सफर करते है।  जैसे कि रोज दफ्तर जाने वाले लोग आने जाने के लिए ट्रेन का ही इस्तेमाल करते है।  बरहलाल जो लोग ट्रेन में सफर करते है यक़ीनन उन्होंने कभी ट्रेन के डिब्बों के नंबर पर तो गौर नहीं किया होगा क्यूकि ट्रेन में भागदौड़ ही इतनी होती है कि खुद को संभाल पाना भी मुश्किल होता है।


जब आप बहुत बार ट्रेन में सफर करने के बाद आपने ट्रेन में लगे उस नंबर पर भी जरूर ध्यान दिया होगा जो रेल के ऊपर लिखे होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह बात सोची है कि ट्रेन के ऊपर लिखे उन नंबरों का क्या मतलब होता है। यानि कि यह नंबर इन डिब्बों पर क्यों लिखे होते हैं।


आपको बता दें कि इसके पीछे बहुत बड़ा कारण है। जिसे जानकार शायद आप हैरान रह जाएंगे। क्योंकि यह जानकारी बहुत ही कम लोगों को पता है। आपको बता दें कि भारतीय रेवले की हर ट्रेन करीब-करीब एक जैसी ही होती है जबकि हर ट्रेन की डिजाइन और सुविधाओं में थोड़ा बहुत अंतर जरूर होगा लेकिन इसके अलावा हर ट्रेन पर पांच अंको का नंबर जरूर लिखा होता है जिसके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे।




जिस टे्रन का पहला अंक जीरो से शुरू होता है वह स्पेशल रेल होती है जी हां जैसे कि समर वेकेशन या स्पेशल हॉलीे के लिए होती है ऐसी ट्रेने। इसके बाद जिसका नंबर एक से शुरू होता है वो थोड़ी लम्बी दूरी की निशान वाली ट्रेन होती है। इसके अलावा जिस टे्रन का नंबर दो से शुरू होता है वह भी ज्यादा लम्बी दूरी करने वाली ही ट्रेन होती है बता दें कि जिस टे्रन का नंबर तीन से शुरू होता है वह रेल कोलकाता सब अर्बन ट्रेन के बारे में बताता है।


नंबर चार चेन्नई, नयी दिल्ली, सिकंदराबाद और अन्य कई मेट्रो शहरों को दर्शाता है।  इसके बाद नंबर पांच कन्वेंशनल कोच वाली पेसेंजर ट्रेन को दर्शाता है। नंबर छह से ये पता चलता है कि वो मेमू ट्रेन है या नहीं।  सात नंबर से कोई नबर शुरू होता है तो यह ट्रेन DMU ट्रेन होती है इसमें छ: पेंसेंजेर ही अल्लो होते हैं।  वैसे तो यह बहुत ही पुराना सिस्टम चला आ रहा है आज नंबरों के साथ टे्रन का पता विस्तार से लिखा जाता है । जिससे की हमें ट्रेन में पहचाने में काफी सहायता मिल जाती है।