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मांस खाने वाले शिकारी पौधे, ऐसे करते हैं शिकार


इंसान या जानवर ही सिर्फ मांस नहीं खाते हैं बल्कि कुछ पौधे भी होते हैं जो कीट-पतंगों का शिकार कर अपना पेट भरते हैं। ऐसे पौधों की बनावट और इनसे निकलने वाले पदार्थ शिकार में मदद करते हैं। कई पौधे तो ऐसे भी होते हैं जिन्हें देखकर लगता है कि वो इसी ताक में हो कि कोई कीड़ा उनपर आकर बैठे और वो उनका शिकार कर ले।

डायनिया मसीपुला

इस पौधे को देखकर लगता है कि ये कीट-पतंगों को देख रहा हो कि वो कम इनपर बैठ रहे हैं। डायनिया मसीपुला शिकार भी ऐसे ही करता है। ये शिकार के लिए किसी पदार्थ का इस्तेमाल नहीं करता है बल्कि जब कोई कीड़ा या मक्खी इसके ऊपर बैठता है तो तुरंत इसका मुंह बंद हो जाता है। पौधे का मुंह तबतक नहीं खुलता है जबतक की शिकार पूरा पच न जाए।

सरासेनिया

यह एक चमकदार कीड़ा खाने वाला शिकारी पौधा है, जो उत्तर अमेरिका के दलदल और दक्षिण अमेरिका के दक्षिण पूर्व भाग में पाए जाते हैं। सरासेनिया के फूल फन की तरह ऊपर उठे होते हैं। फूल से एक मीठा रस निकलता है। जो इसके नीचे के भाग में जमा होता है। रस को पाने के लिए कीड़े और मधुमक्खी नीचे चले तो जाते हैं लेकिन वापस नहीं आ पाते हैं क्योंकि फूलों के अंदर के रेसे अंदर की ओर होते हैं। कीड़े रेसों से फिसलकर नीचे गिर जाते हैं। फूल के ऊपर एक ढक्कन होता है जो बारिश के पानी को अंदर जाने से रोकता है। सरासेनिया अंदर फंसे पतंगों से पौष्टिक तत्व जैसे कैल्शियम, मैग्नेशियम और नाइट्रोजन चूस लेता है।

नेपेथेस

यह मांसाहारी पौधा चीन, मलेशिया और इन्डोनेशिया में पाया जाता है। इस पौधे की 80 प्रजातियां हैं। इसका आकार एक मटके की तरह होता है। इनका आकार बड़ा होता है। जो मेढ़क, चूहे यहां तक की छोटे पक्षियों को भी अपना शिकार बना लेता है। पौधे के अंदर ग्रंथियां होती है, जिनसे एक चिपचिपा पदार्थ निकलता है। कीट-पतंगे इसी पदार्थ को पाने के लिए पौधे पर आते हैं लेकिन फिसलकर अंदर चले जाते हैं। काफी कोशिशों के बाद भी कीड़े बाहर नहीं निकल पाते हैं वो अंदर ही अंदर दम तोड़ देते हैं।

यूट्रिकूलेरिया

इस तरह के पौधे पानी में पाए जाते हैं। इसकी जड़े नहीं होती हैं। इसलिए ये जीवित रहने के लिए कीड़ों को शिकार करते हैं। ये मात्र एक शिकारी पौधा है जो बुलबुला जाल का इस्तेमाल करता है। जो प्रोटोजोवा जैसे छोटे-छोटे जीवों को पकड़ लेते हैं। जब कोई कीड़ा बुलबुले को टच करता है तो वो खुल जाता है और पानी के साथ शिकार को अंदर खींचकर बबल बंद हो जाता है फिर पौधा शिकार को पचाना शुरू कर देता है।

बायब्लिस

पौधा देखने में छोटा और झाड़ीदार होता है। यह उत्तरी ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं। इनके पत्तों के रेसे काफी चमकीले होते हैं। पौधे से एक चिपचिपा पदार्थ और एन्जाइम निकलता है। जिसमें छोटे-छोटे जीव और कीड़े फंस जाते हैं।

डार्लिंगटोनिया

यह कैलिफोर्निया का काफी दुर्लभ पौधा है। ये उत्तरी कैलिफोर्निया के दलदली इलाकों में पाया जाता है। इसे कोबरा प्लांट भी कहा जाता है। पौधे से एक मीठी खूशबू निकलती है जिससे कीड़े आकर्षित होते हैं। पौधे के अंदर कई रास्तें होते हैं जिसमें कीड़े फंस जाते हैं। रास्ते भूल-भूलैया जैसे होते हैं जो उन्हें नीचे की ओर ले जाते हैं। एक बार फंसने के बाद कीड़े बाहर नहीं निकल पाते हैं।

जेनलीसिया

इस तरह के पौधे सेंट्रल अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में पाए जाते हैं। इस छोटे पौधे में पीले रंग के फूल खिलते हैं। जिसे देखकर शिकार आकर्षित होता है। छोटे जीव इसमें फंस जाते हैं लेकिन बाहर निकल पाते हैं।