अचानक झुक गई ये चार मंजिला बिल्डिंग, घंटों कमरों में फंसे रही कई फैमिली
एक शख्स ने मकान बनाने के लिए 7 फीट नींव खोद डाली, इससे पास की चार मंजिला इमारत 7 इंच झुक गई। शुक्रवार को बिल्डिंग के झुकने से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बिल्डिंग में रह रहे एक परिवार के 4 लोग दरवाजा जाम होने के चलते अपने मकान में ही फंस गए। बाद में दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया। नींव खोदने वाला शख्स मौके से फरार हो गया।
- सूरत महानगर पालिका से बिना परमिशन लिए लाल दरवाजा इलाके का ये मामला है। जहां शनिवार को मनपा ने आसपास के करीब पांच मकानों के 100 लोगों से उनके घर खाली करा दिए। इन लोगों को अपने सगे-संबंधियों के यहां जाने के लिए कह दिया गया है। कुछ लोगों ने घर खाली करने से मना किया तो पुलिस की मदद से उन्हें निकाला गया।
- घटना के करीब 20 घंटे बाद तक काफी सोच-समझकर मनपा ने झुकी चार मंजिला इमारत को गिराने का फैसला किया है। ऐहतियात के तौर पर अभी इमारत को दोनों तरफ से सपोर्ट दिया जाएगा। अगर बिल्डिंग गिर जाती तो आसपास के मकानो में रह रहे १००, से ज्यादा लोगों की जान चली जाती।
बंदूगरानाका के मकान नंबर 62717 के मालिक परेश कायस्थ ने जब शनिवार की शाम घर से बाहर जाने के लिए दरवाजा खोलने लगे तो दरवाजा नहीं खुला। उन्होंने देखा कि आसपास की जमीन भी टूटी पड़ी थी। उन्होंने लोकल पार्षद को फोन कर इस बात की जानकारी दी। उसके बाद कुछ लोगों की मदद से दरवाजे को तोड़कर परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। बाहर निकलने पर पता चला कि उनकी बिल्डिंग एक तरफ झुक गई है।
मनपा अधिकारियों ने झुकी बिल्डिंग और अंडरकंस्ट्रक्शन मकान पर नोटिस चिपका दिए हैं। पहले नोटिस में झुकी बिल्डिंग के मालिक से स्ट्रक्चरल सर्टिफकेट दिखाने के लिए कहा है। वहीं दूसरी तरफ अंडरकंस्ट्रक्शन मकान के मालिक से घर जवाब मांगा है कि अपने अगर कंस्ट्रक्शन की अनुमति ली है, तो अनुमति पत्र दिखाएं। मनपा अधिकारियों ने कहा कि उन्हें यह नहीं मालूम कि कंस्ट्रक्शन की अनुमति ली गई है या नहीं।
घर नंबर 62717 के पास ही स्थित 62718 के मकान मालिक देवेंद्र भाई ने दो साल पहले ही घर को तोड़कर फिर से बनाने के लिए मनपा से परमिशन ली थी, लेकिन दो साल तक किसी प्रकार का काम शुरू नहीं किया, जबकि नियम है कि परमिशन लेने के एक साल के अंदर कंट्रक्शन करना जरूरी है। दो महीने पहले ही काम शुरू किया और करीब 8 फीट गहरी नींव खोद दी और उसमें पानी भर दिया।
मकान नंबर 62717 को 1977 में चार मंजिला बनाया गया था। उसके बाद करीब 2010 के बाद इस मकान में सुधार के लिए मनपा से दुरुस्त करने के लिए परमिशन लिया गया। जिसके बाद मकान के ऊपर के तीन मंजिलों के स्ट्रक्चर को बदला गए सभी मंजिलों पर नए सिरे से पीओपी और अन्य बदलाव किए गए, जिससे मकान के पाइल फाउंडेशन पर भार बढ़ गया। उधर मनपा के अधिकारियों ने भी परमिशन देने के बाद कितना काम हुआ है और कैसा काम हुआ है इसका सर्वे नहीं किया।

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