इस कारण से हुई थी महाराणा प्रताप की मौत, 57 साल की उम्र में हुआ कुछ ऐसा
19 जनवरी 1597 को महाराणा प्रताप का निधन हो गया था। अब इस दिन देश में अलग-अलग जगह कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महाराणा प्रताप पर रिसर्च करने वाले डॉक्टर चन्द्रशेखर शर्मा ने अपने रिसर्च पेपर में बताया है कि प्रताप अपनी राजधानी चावंड में ही शिकार पर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपना धनुष निकाला और उसकी डोरी को खींचा। अचानक उनकी आंत में खिंचाव आ गया।
- बाद में चावंड में उनका इलाज चला, लेकिन 19 जनवरी 1597 को 57 वर्ष की आयु में आंत में आए खिंचाव के चलते महाराणा प्रताप का निधन हो गया। महाराणा की मृत्यु की खबर सुन अकबर रो पड़ा था।
- जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में उदयपुर के मीरा कन्या महाविद्यालय के प्रोफेसर और इतिहासकार डॉक्टर चन्द्रशेखर शर्मा ने यह शोध प्रस्तुत किया है। महाराणा प्रताप के समकालीन ताम्र पत्रों को आधार बताते हुए डॉ. शर्मा ने महाराणा प्रताप के बारे के जानकारियां दी है।
-डॉ. शर्मा ने बताया कि 1576 में हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप और अकबर के बीच ऐसा युद्ध हुआ, जो पूरी दुनिया के लिए आज भी एक मिसाल है। महाराणा प्रताप ने मुगल बादशाह अकबर की 20000 सैनिकों वाली सेना के सामने अपने 8000 सैनिक और थोड़े-से संसाधनों के बल पर वर्षों संघर्ष किया।
- 30 वर्षों में कई कोशिशों के बावजूद अकबर महाराणा प्रताप को बंदी न बना सका। यही नहीं महाराणा की मृत्यु की खबर सुन अकबर रो पड़ा था।

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