इन 2 विकेटकीपर्स की टीम में जगह नहीं फिक्स, धोनी से पहले किया था डेब्यू
लंबे समय बाद विदेशी दौरे पर गई टीम इंडिया टेस्ट सीरीज में स्ट्रगल कर रही है। दूसरे टेस्ट में पार्थिव पटेल की खराब कीपिंग के बाद पूर्व इंडियन क्रिकेटर सुनील गावसकर ने तो यहां तक कह दिया कि एमएस धोनी को टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट नहीं लेना चाहिए था। उन्हें कप्तानी छोड़कर बैट्समैन-विकेटकीपर के तौर पर टीम में बने रहना चाहिए था।
- तीन मैचों की सीरीज के अब तक हुए दो मैचों में टीम इंडिया ने अलग-अलग विकेटकीपर को टीम में शामिल किया। अब तीसरे टेस्ट में दिनेश कार्तिक के प्लेइंग इलेवन में होने की पूरी संभावना है।
- दरअसल, दिसंबर, 2014 धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया था। इसके बाद से रिद्धिमान साहा टेस्ट टीम में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
- लेकिन यदि साहा चोटिल हो जाएं या आउट ऑफ फॉर्म हो तो टीम इंडिया के पास ऑप्शन नहीं है। साहा का बैकअप 32 साल के पार्थिव पटेल है। वहीं, पार्थिव के बाहर होने के स्थिति में दिनेश कार्तिक को बुलाया गया है, जिन्होंने 2010 के बाद से टेस्ट मैच ही नहीं खेला है।
- धोनी ने टेस्ट क्रिकेट में दिसंबर, 2005 में डेब्यू किया था। उनका पहला मैच श्रीलंका के खिलाफ था। इससे पहले दिसंबर, 2004 में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था।
- वहीं, दिनेश कार्तिक और पार्थिव पटेल धोनी से एक साल पहले ही क्रिकेट के दोनों फॉर्मेट में एंट्री ले चुके थे, लेकिन धोनी के आने के बाद दोनों अपनी जगह टीम में बचा नहीं पाए।
- अब धोनी के रिटायरमेंट के करीब 3 साल बाद भी ये टीम में जगह बनाने के लिए स्ट्रगल करते नजर आ रहे हैँ।

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