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वर्ल्ड कप जिताने के 1 साल बाद ही टीम से निकाले गए थे कपिल, ये थी वजह


भारत को पहली बार वर्ल्ड चैम्पियन बनाने वाले कप्तान कपिल देव को भी टीम से बाहर होना पड़ा था। जून, 1983 में टीम इंडिया चैम्पियन बनी थी। इसके एक साल बाद दिसंबर, 1984 में कपिल देव को टीम से बाहर होना पड़ा था। ऐसा इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान हुआ था। इसी इंसीडेंट के बाद भारत के दो दिग्गज क्रिकेटर्स सुनील गावसकर और कपिल देव के बीच विवाद सामने आया था।

 ये हुआ था 1984 में...


- टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ होम टेस्ट सीरीज खेल रही थी। इसमें उसे 1,2 से हार का सामना करना पड़ा था।

- सीरीज का चौथा टेस्ट कोलकाता के ईडन गार्डन ग्राउंड पर होना था। इससे पहले ही कपिल देव को टीम से निकाल दिया गया। इसके पीछे सुनील गावसकर का हाथ होने की बात सामने आई। तब गावसकर टीम के कप्तान थे।

- दरअसल, इससे पहले दिल्ली में हुए तीसरे टेस्ट में कपिल देव ने कुछ ऐसा किया था, जिससे सिलेक्टर्स उनसे नाराज हो गए थे।


कपिल देव और सुनील गावसकर के रिश्ते कभी अच्छे नहीं रहे। 1984 में हुए इसी इंसीडेंस को माना जाता है, जब कपिल देव टीम से बाहर कर दिए गए थे।

- 2016 में गावसकर ने एक इंटरव्यू में इस बारे में खुलासा करते हुए खुद को पूरे विवाद से दूर बताया था। उन्होंने कहा था हारती हुई सीरीज में कोई भी कप्तान अपने स्टार खिलाड़ी को बाहर करने जैसा काम नहीं करेगा।

- गावसकर के अनुसार, 'दिल्ली टेस्ट के आखिरी दिन कपिल बैटिंग करते हुए बेहद खराब शॉट खेलकर आउट हुए थे। वो भी तब जब टीम मैच बचाने की कोशिश कर रही थी। अच्छे बैट्समैन के इस तरह आउट होने से नाराज सिलेक्टर्स ने कपिल को कोलकाता टेस्ट से ड्रॉप करने का फैसला लिया था।'

- गावसकर ने ये कहा था कि वो भविष्य में उस सिलेक्टर के नाम का खुलासा कर सकते हैं, जिन्होंने कपिल को उस टीम से निकाला था। गावसकर के अनुसार, 'वो सिलेक्टर ना सिर्फ कपिल को टीम से निकालने चाहते थे, बल्कि उनकी मैच फीस भी कटवाना चाहते थे।'

- हालांकि, लंबे समय से माना जाता था कि गावसरकर और कपिल देव के बीच मनमुटाव का ये बड़ा कारण रहा है।