बीच हो या शॉप, हर समय हथियारों से लैस रहती हैं इस देश की सोल्जर्स
भारत समेत 128 देशों ने यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली (UNGA) में येरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित करने के फैसले का विरोध किया। बता दें, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा येरुशलम को इजरायल की राजधानी घोषित करने के बाद से ही फलस्तीन में बवाल मचा हुआ है। हालांकि, इजरायल और फलस्तीन के बीच विवाद और हिंसा का दौर नया नहीं है। दोनों ही देश पिछले 69 सालों से दुश्मनी की आग में जल रहे हैं। इजरायल अब तक ईरान, इराक, सीरिया, यमन, सऊदी अरब, जॉर्डन जैसे खाड़ी देशों से कई जंग लड़ चुका है। इजरायल दुनिया का पहला ऐसा देश है, जहां हर घर से एक व्यक्ति को आर्मी ज्वॉइन करना कम्पलसरी है। फिर चाहे वह मेल हो या फीमेल।
इजरायल की आबादी तकरीबन 86 लाख (2016 की गिनती के अनुसार) के करीब है।
- इजरायल की वेबसाइट jewishvirtuallibrary.org के मुताबिक, देश में सोल्जर्स की संख्या 31 लाख के करीब है।
- इसमें जिसमें पुरुषों की संख्या 1,554,186 है। वहीं, महिला सैनिकों की संख्या 1,514,063 है।
- इस तरह इजरायल दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जहां सेना में पुरुषों और महिलाओं की संख्या बराबर है।
- इस तरह इजरायल दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जहां सोल्जर्स की संख्या के हिसाब से आर्मी में महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है।
- वहीं, आर्मी ट्रेनिंग में भी महिलाओं-पुरुषों में कोई अंतर नहीं रखा गया। जितनी हार्ड ट्रेनिंग पुरुषों की है, उतनी ही महिलाओं की भी।
महिलाओं को आर्मी में भर्ती करने का सिलसिला 1948 में (अरब कंट्रीज-इजरायल युद्ध) शुरू हुआ।
- पुरुषों की संख्या कम होने के चलते इस दौरान करीब 20 हजार महिलाओं को आर्मी में भर्ती किया गया।
- इस जंग में इजरायल अकेला था और दूसरी तरफ जॉर्डन, लेबनान, इजिप्त, सीरिया और यमन और सऊदी अरब जैसे देश थे।
- इस भयानक जंग में जब इजरायल में सेना की कमी होने लगी तो सरकार ने महिलाओं को भी आर्मी ज्वॉइन करने का एलान किया।
- वहीं, महिलाओं ने भी ऐसी हिम्मत दिखाई दी कि इजरायल का लोहा पूरी दुनिया ने मान लिया। इसके बाद सेना में महिलाओं की संख्या बढ़ती चली गई।
- पड़ोसी मुल्क फलस्तीन से आतंकी वारदातों के चलते फीमेल सोल्जर्स को भी हमेशा सतर्क रहना होता है।
- यहां फीमेल सोल्जर्स बिना आर्मी ड्रेस के भी लायसेंसी हथियार अपने साथ रख सकती हैं।
- इसी के चलते बीच से लेकर पार्टियों तक में फीमेल सोल्जर्स को हथियारों से लैस देखा जा सकता है।
- यहां लड़कियों को भी स्कूली दिनों से ही आर्मी ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी जाती है, जिससे कि वे खुद ही दुश्मन से निपट सकें।

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