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जब हेलिकॉप्टर में हुई इस दुल्हन की विदाई, देखने पहुंच गई लोगों की भीड़


मलसीसर के पूर्व सरपंच यासीन खान के पोते और मोहम्मद इशाक खान के बेटे रज्जाक खान का निकाह रविवार को धनूरी के शब्बीर खान की बेटी महजबीं के साथ झुंझुनूं में हुआ। दोनों ने काजी और गवाहों की मौजूदगी में एक दूसरे को कबूल है कहा और निकाह हो गया। इसके बाद रज्जाक दुल्हन को हेलीकॉप्टर से लेकर मलसीसर रवाना हो गया।



दिल्ली से हेलीकॉप्टर रविवार को पहले मलसीसर पहुंचा। वहां से दूल्हे और दो अन्य को लेकर उड़ान भरी। हेलीकॉप्टर दोपहर करीब बारह बजे झुंझुनूं की हवाई पट्टी पर पहुंचा।



- इसे दिल्ली की प्राची लेकर आई थी। दूल्हे की अगवानी ससुरालवालों की ओर से आए कुछ लोगों ने की। दोपहर में निकाह हुआ और शाम से पहले दुल्हन और उनकी एक रिश्तेदार के साथ हेलीकॉप्टर मलसीसर के लिए उड़ गया।


- हेलीकॉप्टर का किराया वैसे तो आमतौर पर ७०, से 80 हजार रुपए प्रति घंटे होता है, लेकिन इस परिवार ने सुबह से शाम तक के हिसाब से एक मुश्त करीब 4 लाख रुपए में हेलीकॉप्टर किराए पर लिया है।


- दुल्हन के पिता डीएसपी शब्बीर खान का परिवार जयपुर रह रहा है। वे मूल रूप से धनूरी के रहने वाले हैं, लेकिन निकाह झुंझुनूं के अंबेडकर भवन में हुआ। दुल्हन बीए-बीएड है।


- दूल्हा एयरोनॉटिक्स में इंजीनियर के बाद जयपुर से एमबीए कर रहा है। दूल्हे के पिता का एमपी के रतलाम शहर में कंस्ट्रक्शन का काम है।



 हेलीकॉप्टर की पायलट प्राची ने बताया कि वह झुंझुनूं में किसी दूल्हे को लेकर पहली बार आई है। हालांकि, उसे करीब एक हजार घंटे की उड़ान का अनुभव हो चुका है।



- वह इससे पहले सिरोही, शाहपुरा व जयपुर में अनेक बार दूल्हों को लेकर जा चुकी है। वह जिस हेलीकॉप्टर को लाई है उसका वजन (बिना यात्री) 673 किलो है और कुल 1089 किलो वजन तक यह वहन कर सकता है।


- हेलीकॉप्टर अमरीकी कंपनी का है। आमतौर पर यह भिवानी की हवाई पट्टी पर खड़ा रहता है। महजबीं के साथ ही उसकी बहन का भी निकाह रविवार को ही हुआ। उसकी बरात अजमेर से आई थी।